बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा प्रबंधन पर बड़ा एक्शन, मंदिर समिति का कर्मचारी सस्पेंड; सीएम के निर्देश पर हाई लेवल जांच तेज
देहरादून: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अपने एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गठित उच्चस्तरीय जांच प्रक्रिया के तहत चार सदस्यीय टीम ने मंगलवार से मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच के बाद कर्मचारी निलंबित
मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद समिति के निजी सचिव के पद पर कार्यरत प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति भ्रष्टाचार के मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम करती है और जांच में यदि कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ विभागीय और कानूनी स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर आरोपों के बाद शुरू हुई कार्रवाई
पूरा मामला उस समय सामने आया जब सोशल मीडिया पर बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए। इसके बाद ‘भैरव सेना’ नामक संगठन ने शिकायत दर्ज कराते हुए मामले में एफआईआर और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। शिकायत के बाद जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
चार सदस्यीय टीम कर रही है जांच
पिछले सप्ताह गठित चार सदस्यीय जांच समिति में मंदिर समिति के वरिष्ठ वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल, विधि अधिकारी एसएस बर्तवाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी और केदारनाथ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवान को शामिल किया गया। समिति सीसीटीवी फुटेज, संबंधित कर्मचारियों के बयान और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
सीसीटीवी कैमरे बदलने पर भी उठे सवाल
जांच के दौरान मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे बदले जाने को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कैमरों का बदलाव नियमित प्रक्रिया के तहत किया गया था। उन्होंने कहा कि पुराने डीवीआर का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है और जांच में उसका उपयोग किया जाएगा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले के बीच बद्रीनाथ धाम में भी ऐसे आरोप सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच अथवा विधानसभा की संयुक्त समिति से जांच कराने की मांग की है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।