एयरपोर्ट पर लंबी कतारों से मिलेगी राहत! अमित शाह का बड़ा प्लान, चेक-इन से सिक्योरिटी तक पूरा सिस्टम होगा हाईटेक
नई दिल्ली: हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और इमिग्रेशन प्रणाली की समीक्षा करते हुए कई अहम निर्देश दिए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य चेक-इन, सुरक्षा जांच और इमिग्रेशन की प्रक्रिया को तेज, सुगम और आधुनिक बनाना है।
एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान लगने वाली लंबी कतारों को कम करने के लिए सभी हवाई अड्डों पर चरणबद्ध तरीके से ऑटोमेटेड एक्स-रे ट्रे रिटर्न सिस्टम (ATRS) लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस तकनीक के जरिए सुरक्षा जांच में इस्तेमाल होने वाली ट्रे स्वतः वापस लौटेगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और भीड़ भी कम होगी। साथ ही नए बनने वाले एयरपोर्ट पर इस व्यवस्था को अनिवार्य बनाने के लिए मानक भी तय किए जाएंगे।
चेक-इन से इमिग्रेशन तक तैयार होगा नया ढांचा
गृह मंत्री ने निर्देश दिए कि हवाई अड्डों पर यात्रियों की आवाजाही किसी भी चरण में बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए प्रवेश द्वार, चेक-इन काउंटर, सुरक्षा जांच लेन और इमिग्रेशन काउंटर के बीच बेहतर समन्वय वाला व्यापक ढांचा तैयार किया जाएगा, ताकि यात्रियों की आवाजाही अधिक तेज और व्यवस्थित हो सके।
दो साल में 62 एयरपोर्ट होंगे विकसित
बैठक में निर्देश दिए गए कि निर्माणाधीन 21 हवाई अड्डों के साथ अन्य 41 एयरपोर्ट समेत कुल 62 हवाई अड्डों का विकास अगले दो वर्षों के भीतर पूरा किया जाए। जिन एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या अधिक है, उन्हें प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा यात्रियों और उड़ानों की संख्या के अनुसार प्रत्येक एयरपोर्ट पर एयरोब्रिज की संख्या तय करने पर भी जोर दिया गया।
बैगेज ड्रॉप और इमिग्रेशन सुविधाओं का होगा विस्तार
वर्तमान में बैगेज ड्रॉप की सुविधा 16 बड़े हवाई अड्डों पर उपलब्ध है। इसे अधिक यात्री संख्या वाले अन्य अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक विस्तारित किया जाएगा। साथ ही वर्ष 2027 तक सभी राज्यों की राजधानियों में एफआरआरओ कार्यालय स्थापित करने तथा अगरतला और जेवर एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन चेकपॉइंट जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रियों को मिलेगी तेज और आसान यात्रा
गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि अंतरराष्ट्रीय टिकट बुक करने वाले यात्रियों को फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर्स प्रोग्राम (FTI-TTP) की जानकारी व्हाट्सऐप संदेश के माध्यम से भेजी जाए, ताकि अधिक से अधिक यात्री इस सुविधा का लाभ उठा सकें। इसके अलावा व्यस्त यात्रा सीजन के दौरान होने वाली देरी का आकलन करने और उसे कम करने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से अध्ययन कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।