सपा का झंडा जलाने पर अपर्णा यादव की सफाई, बोलीं- ‘हम परिवार का हिस्सा हैं, लेकिन गलत के खिलाफ बोलना जरूरी’

0 24

उत्तर प्रदेश की सियासत में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब समाजवादी पार्टी का झंडा जलाए जाने के मामले पर भाजपा नेता और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर सफाई देते हुए कहा कि यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि महिलाओं के मुद्दे पर उपजे आक्रोश का परिणाम था।

अपर्णा यादव ने कहा कि नारी शक्ति से जुड़े कानून को लेकर महिलाओं में व्यापक नाराजगी है और उसी आक्रोश को उन्होंने सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया। उनके मुताबिक यह विरोध किसी व्यक्ति या परिवार के खिलाफ नहीं था, बल्कि एक मुद्दे पर अपनी बात रखने का तरीका था।

परिवार के सवाल पर दिया स्पष्ट जवाब

अखिलेश यादव के परिवार से जुड़े होने को लेकर उठे सवालों पर अपर्णा यादव ने साफ कहा कि वह परिवार का हिस्सा हैं और यह तथ्य बदला नहीं जा सकता। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि परिवार का हिस्सा होने के बावजूद गलत बातों का विरोध करना जरूरी है, तभी सुधार संभव है।

गोरखपुर में कार्यक्रम के दौरान दिया बयान

अपर्णा यादव हाल ही में गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुई थीं, जहां उनके साथ महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान और अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। इस दौरान महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई और सरकारी योजनाओं की समीक्षा भी की गई।

डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के लिए लगातार सक्रिय है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे बिना डर के अपनी समस्याएं ईमेल, टोल फ्री नंबर और व्हाट्सएप के माध्यम से साझा करें।

लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान हुआ था विवाद

दरअसल, लखनऊ में विधानसभा के सामने अपर्णा यादव ने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया था, जहां सपा और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की गई और दोनों दलों के झंडे जलाकर विरोध जताया गया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह महिला आरक्षण के मुद्दे पर केवल दिखावा कर रहा है।

अपर्णा यादव ने कहा कि विपक्षी दल नहीं चाहते कि आम परिवार की महिलाएं आगे बढ़कर संसद तक पहुंचें और उन पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि महिला आरक्षण कानून को लेकर गंभीर पहल की गई, लेकिन संसद में जो घटनाएं हुईं, वह दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.