विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर गौतमबुद्धनगर में जागरूकता अभियान, युवाओं को निकोटीन और तम्बाकू की लत से बचाने की अपील
गौतमबुद्धनगर: राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 31 मई 2026 को जनपद गौतमबुद्धनगर में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस व्यापक स्तर पर मनाया गया। इस दौरान विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेष रूप से युवाओं को तम्बाकू और निकोटीन उत्पादों के सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा तम्बाकू मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा।
इस वर्ष की थीम का संदेश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेन्द्र कुमार ने बताया कि इस वर्ष विश्व तम्बाकू निषेध दिवस की थीम “आकर्षण का पर्दाफाश: निकोटीन और तम्बाकू की लत से मुकाबला” निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि इस थीम का उद्देश्य तम्बाकू उद्योगों द्वारा युवाओं को आकर्षित करने के लिए अपनाई जाने वाली भ्रामक और रणनीतिक विपणन तकनीकों को उजागर करना तथा समाज को उनके दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना है।
तम्बाकू सेवन से बढ़ता है गंभीर बीमारियों का खतरा
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शुभ्रा मित्तल ने बताया कि तम्बाकू का सेवन मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। इसके उपयोग से फेफड़ों के कैंसर, मुख कैंसर समेत कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि धूम्रपान शुरू करने के कुछ ही मिनटों के भीतर हृदय गति और रक्तचाप बढ़ने लगता है, जबकि रक्त में ऑक्सीजन की जगह कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है। इससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और शरीर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।

उन्होंने बताया कि धूम्रपान करने वाले लोगों में सहनशक्ति में कमी, लगातार खांसी तथा स्वाद और गंध पहचानने की क्षमता में गिरावट जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं।
दीर्घकालिक प्रभाव और भी अधिक खतरनाक
डॉ. शुभ्रा मित्तल के अनुसार तम्बाकू सेवन के दीर्घकालिक परिणाम और भी गंभीर होते हैं। फेफड़ों के कैंसर के अलावा क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), एम्फीसेमा और क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियां धीरे-धीरे फेफड़ों की कार्यक्षमता को समाप्त कर देती हैं, जिससे सांस लेना भी कठिन हो जाता है।
उन्होंने कहा कि धूम्रपान करने वालों में हृदय रोग और स्ट्रोक का जोखिम सामान्य व्यक्तियों की तुलना में कई गुना अधिक होता है। वहीं कोरोनरी हृदय रोग होने की संभावना दो से चार गुना तक बढ़ जाती है। इसके अतिरिक्त मुख कैंसर, मसूड़ों की बीमारी, दांतों का झड़ना और अन्य दंत रोगों का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।
युवाओं को लुभाने के लिए अपनाई जा रही हैं नई रणनीतियां
जनपद सलाहकार डॉ. श्वेता खुराना ने बताया कि तम्बाकू और निकोटीन उद्योग युवाओं को आकर्षित करने के लिए कई प्रकार के हथकंडों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें आकर्षक और रंग-बिरंगी पैकेजिंग, ई-सिगरेट, निकोटीन पाउच और वेप्स में स्ट्रॉबेरी, मैंगो जैसे फ्लेवर का उपयोग तथा सोशल मीडिया और फिल्मों के माध्यम से तम्बाकू उत्पादों को तनाव कम करने वाले साधन के रूप में प्रस्तुत करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को इन भ्रामक प्रचार रणनीतियों से बचाना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों को इस वर्ष की थीम पर आधारित प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बिक्री पर सख्ती
डॉ. श्वेता खुराना ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा कोटपा अधिनियम-2003 की धारा-6 का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। इसके तहत किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज के दायरे में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है।
विद्यालयों और स्वास्थ्य इकाइयों में हुए विविध कार्यक्रम
विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर जनपद के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य इकाइयों में व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान पोस्टर प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, रंगोली प्रतियोगिता, गोष्ठियां, शपथ ग्रहण कार्यक्रम और हस्ताक्षर अभियान चलाए गए।
इसी क्रम में सेक्टर-62 नोएडा स्थित आईएमएस कॉलेज के सलाम नमस्ते रेडियो द्वारा संवाद कार्यक्रम और पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। ग्रेटर नोएडा के रमा देवी इंटरनेशनल स्कूल में रंगोली एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। सोरखा स्थित शम्भू दयाल पब्लिक स्कूल में गोष्ठी और शपथ ग्रहण कार्यक्रम संपन्न हुए। दादरी के जीआर ग्लोबल अकादमिक में पोस्टर प्रतियोगिता और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं आदर्श पब्लिक स्कूल सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में भी जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से तम्बाकू सेवन के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई।