म्यांमार के राष्ट्रपति ने किया एनटीपीसी नेट्रा का दौरा, स्वच्छ ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं का लिया जायजा
ग्रेटर नोएडा: म्यांमार के माननीय राष्ट्रपति महामहिम मिन आंग ह्लाइंग ने रविवार को एनटीपीसी लिमिटेड की अनुसंधान एवं विकास इकाई एनटीपीसी एनर्जी टेक्नोलॉजी रिसर्च अलायंस (नेट्रा) का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ म्यांमार का उच्च स्तरीय मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा। दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने भारत की उन्नत स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों और नवाचार आधारित ऊर्जा समाधानों का अवलोकन किया।
एनटीपीसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह, एनटीपीसी नेट्रा के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख शाश्वत्तम तथा कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने राष्ट्रपति और प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।
एनटीपीसी की विकास यात्रा और ऊर्जा नवाचारों से कराया अवगत
दौरे के दौरान राष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधिमंडल को एनटीपीसी की विकास यात्रा, म्यांमार में कंपनी की पूर्व गतिविधियों तथा वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन को समर्थन देने वाली अनुसंधान, नवाचार और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों से जुड़ी विभिन्न पहलों की विस्तृत जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि एनटीपीसी ऊर्जा क्षेत्र में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और हरित ईंधन जैसे क्षेत्रों में लगातार अनुसंधान और विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है।

अत्याधुनिक ऊर्जा परियोजनाओं का किया अवलोकन
म्यांमार के राष्ट्रपति और प्रतिनिधिमंडल ने नेट्रा परिसर में स्थापित अत्याधुनिक इन-हाउस पायलट सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। इनमें 4 मेगावाट/1 मेगावाट-घंटा सौर माइक्रोग्रिड, 3 मेगावाट-घंटा वैनाडियम रेडॉक्स फ्लो बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली, ग्रीन हाइड्रोजन हब तथा कृषि एवं नगर ठोस अपशिष्ट गैसीकरण-से-विद्युत संयंत्र प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल को टिकाऊ और उभरते ऊर्जा समाधानों के क्षेत्र में एनटीपीसी द्वारा किए जा रहे नवाचारों और तकनीकी प्रगति की जानकारी दी गई।
ग्रीन हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा पहलों में दिखाई विशेष रुचि
दौरे के दौरान महामहिम राष्ट्रपति ने विशेष रूप से एनटीपीसी की स्वच्छ ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़ी पहलों में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में भारत द्वारा विकसित की जा रही आधुनिक तकनीकों और टिकाऊ ऊर्जा समाधानों की सराहना की।

यह दौरा भारत की नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, ग्रीन हाइड्रोजन और अपशिष्ट-से-ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में हो रही प्रगति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।
भारत-म्यांमार ऊर्जा सहयोग को मिलेगी नई मजबूती
एनटीपीसी के अनुसार यह दौरा दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे क्षमता निर्माण, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान, नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार और टिकाऊ ऊर्जा समाधानों के विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाएं खुलेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वच्छ ऊर्जा और हरित प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत और म्यांमार के बीच बढ़ता सहयोग क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।