सुप्रीम कोर्ट की विशेष लोक अदालत से पहले गौतमबुद्धनगर में बड़ी बैठक, प्राधिकरणों और किसानों के बीच समाधान पर हुई अहम चर्चा
गौतमबुद्धनगर: माननीय सर्वोच्च न्यायालय में 21, 22 और 23 अगस्त को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत के तहत सोमवार को दीवानी न्यायालय गौतमबुद्धनगर में प्रीसिटिंग बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वोच्च न्यायालय से प्राप्त मामलों के समाधान को लेकर संबंधित अधिकारियों, प्राधिकरणों के वरिष्ठ अधिकारियों और पक्षकारों के बीच विस्तार से चर्चा हुई।
जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में हुई बैठक
दीवानी न्यायालय गौतमबुद्धनगर के प्रीसिटिंग कॉन्फ्रेंस हॉल में अपराह्न 2 बजे आयोजित बैठक की अध्यक्षता माननीय जनपद न्यायाधीश ने की। बैठक में माननीय जनपद न्यायाधीश, गाजियाबाद तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव डॉ. (श्रीमती) मनु कालिया की उपस्थिति रही।
बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार, यमुना प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह, नोएडा प्राधिकरण की सीईओ वन्दना त्रिपाठी, पीठासीन अधिकारी एमएसीटी कोर्ट वत्सल श्रीवास्तव, प्रथम अपर जिला जज सुनील कुमार, द्वितीय अपर जिला जज सोमप्रभा मिश्रा, अपर जिला जज तृतीय सौरभ द्विवेदी तथा विशेष लोक अदालत की नोडल अधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिवानी रावत मौजूद रहीं। इसके अलावा तीनों प्राधिकरणों के विधि संभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
सर्वोच्च न्यायालय से प्राप्त मामलों पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय से प्राप्त मामलों को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। इस दौरान संबंधित पक्षकारों और काश्तकारों से भी अलग-अलग वार्ता कर उनका पक्ष सुना गया। अन्य पत्रावलियों के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्राधिकरण के अधिकारियों ने पक्षकारों से बातचीत की।
किसानों ने सुलह के लिए जताई सहमति की तत्परता
बैठक में उपस्थित लाभार्थियों और पक्षकारों, विशेष रूप से किसानों से भी वार्ता की गई। इस दौरान किसानों ने कहा कि यदि प्राधिकरण की ओर से रजामंदी होती है तो वे अपने कुछ हितों का परित्याग करते हुए भी सुलह के लिए तैयार हैं।
सदस्य सचिव डॉ. मनु कालिया ने पक्षकारों से की व्यक्तिगत बातचीत
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव डॉ. मनु कालिया ने उपस्थित पक्षकारों और लाभार्थियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की तथा उनके पक्ष को सुना। बैठक का आयोजन सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।