जौहर यूनिवर्सिटी पर एक्शन के खिलाफ सपा का आज बड़ा प्रदर्शन, डीएम से मिलेगी टीम; ध्वस्तीकरण आदेश वापस लेने की उठाएगी मांग
रामपुर: मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में कथित अवैध निर्माण को लेकर जारी ध्वस्तीकरण कार्रवाई के विरोध में समाजवादी पार्टी गुरुवार को रामपुर में प्रदर्शन करेगी। पार्टी का प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मुलाकात कर ध्वस्तीकरण का आदेश वापस लेने की मांग करेगा।
माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल डीएम के समक्ष विश्वविद्यालय पर जारी कार्रवाई का विरोध दर्ज कराएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अनुमति मिली तो जेल में बंद सपा नेता आजम खान से भी मुलाकात करने का प्रयास किया जाएगा।
28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल करेगा विरोध दर्ज
जौहर यूनिवर्सिटी मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने 28 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। इस दल का नेतृत्व माता प्रसाद पांडेय कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में माल अख्तर, पिंकी सिंह सहित रामपुर, मुरादाबाद और बरेली के पार्टी पदाधिकारियों को भी शामिल किया गया है।
रामपुर में धारा 163 लागू, प्रशासन अलर्ट
रामपुर के अपर जिलाधिकारी नितिन मदान ने बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 को 20 जुलाई से दोबारा लागू किया गया है, जो 11 सितंबर तक प्रभावी रहेगी।
उन्होंने कहा कि आगामी परीक्षाओं को देखते हुए परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में फोटो कॉपी की दुकानें संचालित नहीं होंगी। साथ ही आगामी त्योहारों के मद्देनजर शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
38 कथित अवैध भवनों पर ध्वस्तीकरण का आदेश
रामपुर विकास प्राधिकरण ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में बने 38 कथित अवैध भवनों को हटाने का आदेश जारी किया है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग ने विश्वविद्यालय परिसर के भीतर स्थित एक सड़क को सार्वजनिक मार्ग घोषित करते हुए वहां बोर्ड भी लगा दिया है।
प्राधिकरण ने 28 जून को जौहर ट्रस्ट को नोटिस जारी कर आरोप लगाया था कि विश्वविद्यालय परिसर में 82,309.80 वर्गमीटर क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण कराया गया है। आरडीए के अनुसार, परिसर में बने 38 ब्लॉक बिना स्वीकृत भवन मानचित्र के निर्मित किए गए, जबकि केवल दो भवनों को पहले जिला पंचायत से अनुमति मिली थी।
दस्तावेज नहीं देने पर बढ़ी कार्रवाई
आरडीए का कहना है कि तय समय सीमा के भीतर जौहर ट्रस्ट के सचिव निर्माण स्वीकृति से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद ट्रस्ट को 38 भवनों को हटाने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।