गौतमबुद्धनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का बड़ा आयोजन, एक दिन में 10.70 लाख से ज्यादा मामलों का निस्तारण; ₹937 करोड़ से अधिक की समझौता धनराशि तय

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गौतमबुद्धनगर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड स्तर पर मामलों का निस्तारण किया गया। जिला जज अतुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष लोक अदालत में कुल 10,70,372 मामलों का निपटारा हुआ, जबकि समझौता और वसूली की कुल धनराशि 937 करोड़ 71 लाख 15 हजार 913 रुपये रही।

राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 9 मई 2026 को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के तहत किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जनपद न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव और अन्य न्यायिक अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

जनपद न्यायालय और प्री-लिटिगेशन स्तर पर हुआ व्यापक निस्तारण

सचिव पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवानी रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद न्यायालय में कार्यरत न्यायिक अधिकारियों द्वारा कुल 3,03,925 मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं प्री-लिटिगेशन स्तर पर राजस्व न्यायालय और विभिन्न विभागों द्वारा 7,66,447 मामलों का समाधान किया गया।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।

बिजली, यातायात और पुलिस विभाग के हजारों मामलों का निपटारा

राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न विभागों के लंबित मामलों का भी बड़े स्तर पर समाधान किया गया।

एनपीसीएल द्वारा 45 मामलों का निस्तारण करते हुए 7 लाख 23 हजार रुपये की समझौता राशि तय की गई। वहीं यूपीपीसीएल के 5,780 मामलों और श्रम न्यायालय के 1,045 मामलों का निस्तारण हुआ, जिसमें 69 करोड़ 23 लाख 51 हजार 656 रुपये की धनराशि शामिल रही।

इसके अलावा पुलिस विभाग ने 13,509 मामलों का निस्तारण किया। बीएसएनएल के 23 मामलों का समाधान हुआ, जबकि चिकित्सा विभाग द्वारा 99,045 मामलों का निपटारा किया गया।

यातायात विभाग ने सबसे ज्यादा 4,99,452 मामलों का निस्तारण किया। वहीं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय ने 32,500 मामलों का समाधान किया।

नोएडा प्राधिकरण और राजस्व मामलों में भी बड़ी कार्रवाई

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा 6,123 मामलों का निस्तारण किया गया।

वहीं जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी और तहसील स्तर पर राजस्व से जुड़े कुल 1,08,286 मामलों का समाधान किया गया।

कई अदालतों में करोड़ों रुपये की समझौता राशि तय

राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न अदालतों में भी बड़ी संख्या में मामलों का समाधान हुआ। वाणिज्य न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, एनआई एक्ट अदालत, उपभोक्ता न्यायालय और स्थायी लोक अदालत में करोड़ों रुपये की समझौता धनराशि तय की गई।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में 79,368 मामलों का निस्तारण हुआ, जबकि वर्चुअल कोर्ट के जरिए 2,02,227 चालानों का निपटारा कर जुर्माना वसूला गया।

त्वरित न्याय की दिशा में अहम पहल

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से कहा गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों को कम समय और कम खर्च में न्याय दिलाने का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है। बड़ी संख्या में मामलों के निस्तारण से न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम हुआ है।

 

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