‘आखिरी 9 महीनों में ये मंत्री क्या कर लेंगे?’ योगी कैबिनेट विस्तार पर अखिलेश यादव का तंज, पूछ डाले 12 सवाल
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार रविवार को होने जा रहा है। योगी कैबिनेट में छह नए चेहरों की एंट्री तय मानी जा रही है। शपथ ग्रहण समारोह दोपहर 3:30 बजे राजभवन में आयोजित होगा। इससे पहले शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर संभावित मंत्रियों की सूची सौंपी।
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले ही प्रदेश की राजनीति गर्म हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है और कैबिनेट विस्तार को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।
अखिलेश यादव ने पूछा- 9 महीने में क्या कर लेंगे मंत्री?
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि जनता यह पूछ रही है कि आखिर सिर्फ 9 महीनों के लिए बनाए जाने वाले मंत्री क्या कर लेंगे, जब सरकार पिछले 9 वर्षों में कुछ खास नहीं कर सकी।
अखिलेश यादव ने शायराना अंदाज में तंज कसते हुए लिखा,
“तुम थे जिनके सहारे, वो हुए न तुम्हारे…
वो तो ठग हैं पुराने… तुम ये सच न जाने…”
मंत्री पद को लेकर उठाए कई सवाल
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जब मंत्रिमंडल में केवल छह रिक्तियां हैं और भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं की संख्या उससे ज्यादा है, तो आखिर मंत्री पद किसे और किस आधार पर मिलेगा।
उन्होंने पूछा कि क्या कमजोर नेताओं को साधने के लिए मंत्री बनाया जाएगा या फिर किसी खास जातीय और सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया जा रहा है।
सपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जिन नेताओं को मंत्री पद नहीं मिलेगा, वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर सकते हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि दल बदलकर आए नेताओं को भी जल्द समझ आ जाएगा कि भाजपा किसी की सगी नहीं है।
इन नेताओं के नाम चर्चा में
सूत्रों के मुताबिक योगी कैबिनेट विस्तार में भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडेय, पूजा पाल, सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान और हंसराज विश्वकर्मा को मंत्री बनाया जा सकता है।
इनमें मनोज पांडेय और पूजा पाल पहले समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं और बाद में भाजपा के करीब आए थे। ऐसे में विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति और सामाजिक समीकरणों से जोड़कर देख रहा है।
योगी 2.0 सरकार में अब तक कितना हुआ विस्तार?
योगी आदित्यनाथ ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिए 25 मार्च 2022 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों समेत कुल 52 मंत्रियों ने शपथ ली थी।
इनमें 18 कैबिनेट मंत्री, 14 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 20 राज्य मंत्री शामिल थे। इसके बाद पहला मंत्रिमंडल विस्तार 5 मार्च 2024 को हुआ था, जिसमें चार नए कैबिनेट मंत्रियों को शामिल किया गया था।
लोकसभा चुनाव के बाद जितिन प्रसाद और अनूप प्रधान के सांसद बनने से मंत्रियों की संख्या घटकर 54 रह गई थी। अब नए विस्तार के जरिए छह और मंत्रियों को शामिल किया जाएगा।
विभागों में फेरबदल की भी चर्चा
राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि सिर्फ नए मंत्री ही नहीं बनाए जाएंगे, बल्कि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल हो सकता है।
माना जा रहा है कि भाजपा इस विस्तार के जरिए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने के साथ-साथ विपक्ष के PDA समीकरण का जवाब देने की रणनीति पर काम कर रही है।