नोएडा में जिलाधिकारी की अगुवाई में बड़ी बैठक, श्रमिक हितों पर सख्त रुख, फैक्ट्री प्रबंधन को गाइडलाइन का 100% पालन सुनिश्चित करने के निर्देश

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गौतमबुद्धनगर: गौतमबुद्धनगर में औद्योगिक शांति और सौहार्द बनाए रखने को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को सेक्टर-27 स्थित कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सेवायोजकों और कारखाना प्रबंधकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान संवाद के जरिए श्रमिकों के हित में कई अहम निर्णय लिए गए और सभी औद्योगिक इकाइयों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।

नोटिस बोर्ड पर गाइडलाइन प्रदर्शित करना अनिवार्य

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शासन द्वारा जारी सभी गाइडलाइंस को प्रत्येक कंपनी के नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए। इसका उद्देश्य श्रमिकों के बीच किसी भी प्रकार की भ्रांति या असमंजस की स्थिति को समाप्त करना है, ताकि सभी को अपने अधिकारों और नियमों की स्पष्ट जानकारी मिल सके।

श्रमिकों की नौकरी और अधिकारों की सुरक्षा पर जोर

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी श्रमिक को बिना ठोस कारण के सेवा से नहीं हटाया जाएगा। ओवरटाइम कार्य के लिए श्रमिकों को दुगनी दर से भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा और इसमें किसी प्रकार की कटौती स्वीकार्य नहीं होगी। साथ ही प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा, और यदि रविवार को काम लिया जाता है तो उसका भुगतान भी दोगुना किया जाएगा।

बोनस, वेतन और पारदर्शिता को लेकर सख्त निर्देश

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी श्रमिकों को नियमानुसार बोनस का भुगतान अधिकतम 30 नवंबर तक उनके बैंक खातों में किया जाए। इसके अलावा हर महीने की 10 तारीख तक वेतन का एकमुश्त भुगतान अनिवार्य होगा और सभी श्रमिकों को वेतन पर्ची उपलब्ध कराई जाएगी। शासन द्वारा घोषित किसी भी वेतन वृद्धि को प्रभावी तिथि से लागू करना भी अनिवार्य होगा।

कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी कारखानों में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति गठित करने के निर्देश दिए, जिसकी अध्यक्ष महिला होगी। साथ ही शिकायत पेटी की व्यवस्था सुनिश्चित करने और श्रमिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

आंदोलन में शामिल श्रमिकों पर कार्रवाई नहीं, संवाद से समाधान पर जोर

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी आंदोलन में शामिल श्रमिक या प्रतिनिधि के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई या सेवा समाप्ति नहीं की जाएगी। जिन श्रमिकों ने काम पर लौटने की इच्छा जताई है, उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए, जबकि अन्य श्रमिकों से प्रबंधन द्वारा संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाएगा।

सीसीटीवी और निगरानी व्यवस्था को किया जाएगा मजबूत

प्रशासन ने सभी औद्योगिक इकाइयों को निर्देशित किया कि मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय स्थिति में रखें जाएं, ताकि श्रमिकों की सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित की जा सके। किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को देने के निर्देश भी दिए गए।

अनुपालन में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शासन की गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। श्रमिकों के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विभागीय अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

श्रमिकों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील

अंत में जिलाधिकारी ने श्रमिकों से अपील की कि वे अपने-अपने कार्यस्थलों पर अनुशासन और शांति बनाए रखें, अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन सभी पक्षों के हितों का ध्यान रखते हुए निष्पक्ष और संवेदनशील भूमिका निभाएगा, जिससे जिले में औद्योगिक गतिविधियां बिना किसी बाधा के जारी रह सकें।

 

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