मत्स्य पालकों के लिए बड़ी खबर! 28 जून तक करें ऑनलाइन आवेदन, इन योजनाओं का मिलेगा लाभ

0 44

गौतमबुद्धनगर: उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सेक्टर की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले के मत्स्य पालक 28 जून 2026 तक विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

मत्स्य निरीक्षक हरिशंकर त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट सब्सिडी योजना तथा सघन मत्स्य पालन हेतु एरेशन सिस्टम स्थापना योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की प्रक्रिया विभागीय पोर्टल पर निर्धारित अवधि तक जारी रहेगी।

हर योजना के लिए अलग आवेदन करना होगा

विभाग के अनुसार इच्छुक लाभार्थियों को प्रत्येक योजना के लिए अलग-अलग आवेदन करना अनिवार्य होगा। किसी एक योजना के लिए किया गया आवेदन दूसरी योजना के लिए मान्य नहीं माना जाएगा। इसलिए पात्र आवेदकों को संबंधित योजना के अनुसार पृथक आवेदन करना होगा।

वेबसाइट पर उपलब्ध है पूरी जानकारी

विभाग ने बताया कि योजनाओं से जुड़ी परियोजना का विवरण, इकाई लागत, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। आवेदक आवेदन करने से पहले सभी दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक अध्ययन कर सकते हैं।

पुराने आवेदक भी कर सकते हैं दोबारा आवेदन

मत्स्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन आवेदकों के आवेदन पूर्व वर्षों में निरस्त हो गए थे या जो प्रतीक्षा सूची में थे, वे भी इस बार दोबारा आवेदन करने के पात्र होंगे। साथ ही भविष्य में यदि योजनाओं के नियमों या प्रावधानों में कोई संशोधन किया जाता है तो संशोधित नियम ही प्रभावी माने जाएंगे।

कार्यालय से भी मिल सकेगी सहायता

योजनाओं के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के इच्छुक मत्स्य पालक किसी भी कार्यदिवस में सहायक निदेशक मत्स्य कार्यालय, विकास भवन, कक्ष संख्या 305 एवं 306, गौतमबुद्धनगर में संपर्क कर सकते हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा योजनाओं से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.