बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक बढ़त, टीएमसी के कई गढ़ ढहे; 2024 लोकसभा चुनाव के मुकाबले बदली पूरी तस्वीर
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए राज्य की राजनीति का समीकरण बदल दिया है। 15 वर्षों से सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस को इस बार करारी हार का सामना करना पड़ा है। भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट गई।
चुनाव नतीजों ने यह साफ कर दिया कि भाजपा ने सिर्फ उत्तर बंगाल या जंगलमहल तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि दक्षिण बंगाल और कोलकाता जैसे इलाकों में भी मजबूत पैठ बना ली, जिन्हें लंबे समय से टीएमसी का अभेद्य गढ़ माना जाता था।
भाजपा का वोट शेयर बढ़ा, टीएमसी को भारी नुकसान
इस चुनाव में भाजपा को 2 करोड़ 92 लाख से ज्यादा वोट मिले और पार्टी का वोट शेयर 45.84 प्रतिशत तक पहुंच गया। वहीं, टीएमसी को करीब 2 करोड़ 60 लाख वोट मिले और उसका वोट प्रतिशत 40.80 रहा।
सबसे बड़ी बात यह रही कि भाजपा ने पिछले चुनाव के मुकाबले 130 सीटों का इजाफा किया, जबकि टीएमसी को 135 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस केवल 2 सीटों पर सिमटी, जबकि माकपा को सिर्फ 1 सीट मिली।
उत्तर बंगाल में भाजपा का दबदबा
उत्तर बंगाल की 54 सीटों में भाजपा ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 40 सीटों पर जीत दर्ज की। इस क्षेत्र में भाजपा को करीब 49.38 प्रतिशत वोट मिले, जबकि टीएमसी केवल 14 सीटों तक सीमित रही।
दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जैसे इलाकों में भाजपा ने बड़ी बढ़त बनाई और टीएमसी को पीछे छोड़ दिया।
जंगलमहल में एकतरफा जीत
जंगलमहल और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की 40 सीटों में भाजपा ने लगभग क्लीन स्वीप करते हुए 38 सीटों पर कब्जा जमा लिया। यहां पार्टी को 51.75 प्रतिशत वोट मिले।
टीएमसी सिर्फ 2 सीटें जीत सकी। पुरुलिया, बांकुरा, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर जैसे क्षेत्रों में भाजपा की बढ़त बेहद मजबूत रही।
दक्षिण बंगाल और कोलकाता में टीएमसी का किला टूटा
दक्षिण बंगाल और प्रेसीडेंसी क्षेत्र की 166 सीटों में भाजपा ने 115 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया। यहां पार्टी को 45.79 प्रतिशत वोट मिले।
टीएमसी, जो वर्षों से इस इलाके में मजबूत स्थिति में थी, इस बार 50 सीटों पर सिमट गई।
कोलकाता क्षेत्र में भी बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। भाजपा ने 11 में से 6 सीटें जीत लीं। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब भबानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने 15 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया।
2024 लोकसभा चुनाव के मुकाबले भाजपा को बड़ी बढ़त
विधानसभा क्षेत्रों के वोटों के विश्लेषण में भाजपा 42 में से 29 लोकसभा सीटों पर आगे दिखाई दे रही है। जबकि टीएमसी सिर्फ 13 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 12 सीटें जीती थीं, लेकिन अब पार्टी का प्रभाव कई नए क्षेत्रों तक फैलता दिख रहा है।
भाजपा को अलीपुरद्वार में 3 लाख से ज्यादा, जलपाईगुड़ी में 3.28 लाख, रानाघाट में 3.38 लाख और बांकुरा में 3.08 लाख वोटों की बढ़त मिली है।
इसके अलावा दमदम, कृष्णानगर और आसनसोल जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर भी भाजपा ने मजबूत बढ़त हासिल की है।
बहरामपुर में सबसे बड़ा उलटफेर
बहरामपुर सीट पर भाजपा ने 86 हजार से ज्यादा वोटों की बढ़त हासिल कर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।
यहां कांग्रेस, एआईएमआईएम और अन्य दलों के कारण विपक्षी वोटों का बंटवारा हुआ, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिला। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी दूसरे स्थान पर रहे, जबकि टीएमसी तीसरे नंबर पर खिसक गई।
नौ जिलों में टीएमसी का खाता तक नहीं खुला
इस चुनाव की सबसे बड़ी बात यह रही कि टीएमसी राज्य के 9 जिलों में एक भी सीट नहीं जीत सकी। इनमें दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, पुरुलिया, बांकुरा, झाड़ग्राम और पश्चिम बर्धमान जैसे जिले शामिल हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है और भाजपा ने पहली बार राज्य के लगभग हर क्षेत्र में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी है।