CBSE Class 12 Accountancy Exam 2026: पेपर रहा बैलेंस्ड, MCQ में दिखी पकड़ की परीक्षा; एक्सपर्ट बोले–कैलकुलेशन ने बढ़ाया टाइम प्रेशर

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से 24 फरवरी को आयोजित कक्षा 12वीं कॉमर्स स्ट्रीम की अकाउंटेंसी परीक्षा को लेकर छात्रों और विषय विशेषज्ञों की पहली प्रतिक्रिया सामने आ गई है। परीक्षा देकर निकले अधिकांश छात्रों ने प्रश्नपत्र को ‘बैलेंस्ड और मीडियम लेवल’ का बताया। हालांकि, कई छात्रों ने माना कि पेपर थोड़ा लंबा था और कुछ सवालों में विस्तृत गणना के कारण समय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण रहा। वहीं, जिन छात्रों की वैचारिक समझ मजबूत थी, उनके लिए यह पेपर स्कोरिंग साबित हो सकता है।

NCERT आधारित और सिलेबस के अनुरूप रहा पेपर

विशेषज्ञों के मुताबिक पूरा प्रश्नपत्र निर्धारित सिलेबस और एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित रहा। 3 और 4 अंकों के प्रश्न सीधे और स्पष्ट थे, जिससे नियमित अभ्यास करने वाले छात्रों को राहत मिली। एक्सपर्ट का कहना है कि पेपर का डिजाइन संतुलित था और लगभग सभी महत्वपूर्ण चैप्टर से उचित वेटेज के साथ प्रश्न पूछे गए थे।

MCQ में दिखी कॉन्सेप्ट की असली परीक्षा

इस वर्ष योग्यता-आधारित MCQs ने खास ध्यान खींचा। शिक्षकों के अनुसार 1-1 अंक के इन प्रश्नों को हल करने के लिए केवल रटकर जाना पर्याप्त नहीं था, बल्कि सिद्धांतों की गहरी समझ जरूरी थी। कुछ MCQs में लंबी गणना की आवश्यकता पड़ी, जिससे छात्रों को समय प्रबंधन में दबाव महसूस हुआ। यही कारण रहा कि कुछ विद्यार्थियों ने पेपर को ‘कैलकुलेशन हैवी’ बताया।

6 अंकों के प्रश्नों में बदला पैटर्न, छात्र हुए चौंके

शिक्षकों का कहना है कि करीब 50 प्रतिशत पेपर सैंपल पेपर के फॉर्मेट से अलग नजर आया। खासतौर पर 6 अंकों के प्रश्नों में बदलाव देखने को मिला। पहले जहां ‘साझेदार के प्रवेश’ और ‘सेवानिवृत्ति’ के बीच विकल्प मिलता था, इस बार ‘लाभ विभाजन अनुपात में परिवर्तन (Change in PSR)’ और ‘साझेदारी फर्म का विघटन (Dissolution)’ के बीच विकल्प दिया गया। इस बदलाव ने कई छात्रों को चौंका दिया, हालांकि तैयारी मजबूत होने पर सवाल हल करने में कठिनाई नहीं हुई।

छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

कुछ छात्रों ने परीक्षा को लंबा और थोड़ा कठिन बताया, जबकि कई विद्यार्थियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। ‘इश्यू ऑफ शेयर कैपिटल’ पर आधारित 6 अंकों का प्रश्न अपेक्षाकृत आसान रहा। हालांकि ‘कैश फ्लो स्टेटमेंट’ से जुड़े कुछ सवालों की भाषा थोड़ी जटिल थी, जिसे समझने के लिए छात्रों को प्रश्न दोबारा पढ़ने पड़े।

स्कोरिंग मार्जिन कैसा रहेगा?

विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों का मानना है कि पेपर निष्पक्ष और संतुलित था। यह केवल रटने पर नहीं, बल्कि अवधारणात्मक समझ पर आधारित था। पार्ट-B यानी फाइनेंशियल स्टेटमेंट एनालिसिस को खासा स्कोरिंग माना गया है। विशेषज्ञों का निष्कर्ष है कि जिन छात्रों ने पूरे वर्ष नियमित अभ्यास किया और मूल सिद्धांतों पर पकड़ बनाई, उनके लिए उच्च अंक हासिल करना पूरी तरह संभव है।

 

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