Curd Rice Benefits: गर्मियों में क्यों सुपरफूड बन जाता है दही-चावल? पाचन से लेकर शरीर को ठंडक देने तक, जानिए इसके बड़े फायदे

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नई दिल्ली: गर्मी का मौसम अपने चरम पर पहुंचते ही लोग ऐसे भोजन की तलाश में रहते हैं जो हल्का हो, आसानी से पच जाए और शरीर को ठंडक भी पहुंचाए। ऐसे में दही-चावल यानी कर्ड राइस को सबसे बेहतरीन कंफर्ट फूड माना जाता है। स्वाद और पोषण से भरपूर यह पारंपरिक व्यंजन न सिर्फ पेट को आराम देता है, बल्कि शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करता है।

दक्षिण भारत की रसोई से निकला यह साधारण लेकिन पौष्टिक व्यंजन अब देशभर में पसंद किया जाता है। कम मसालों और बेहद सरल सामग्री से तैयार होने वाला कर्ड राइस गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। यही वजह है कि कई न्यूट्रिशन विशेषज्ञ और फूड एक्सपर्ट इसे संतुलित और सात्विक भोजन की श्रेणी में रखते हैं।

भारतीय परंपरा और संस्कृति से जुड़ा है कर्ड राइस

कर्ड राइस का संबंध भारतीय खानपान की समृद्ध परंपरा से है। आयुर्वेद में दही को पाचन के लिए बेहद लाभकारी माना गया है। दक्षिण भारत में यह रोजमर्रा के भोजन का अहम हिस्सा है, जबकि कई मंदिरों में इसे प्रसाद के रूप में भी वितरित किया जाता है। माना जाता है कि यह भोजन शरीर के साथ-साथ मन को भी शांति प्रदान करता है।

गर्मियों में शरीर को देता है ठंडक

दही की तासीर ठंडी मानी जाती है, जिससे यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स यानी अच्छे बैक्टीरिया पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं और गैस, अपच तथा एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक होते हैं।

वहीं चावल शरीर को ऊर्जा देने वाला प्रमुख कार्बोहाइड्रेट स्रोत है, जबकि दही से प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है। यही कारण है कि कर्ड राइस हल्का होने के साथ-साथ पौष्टिक भी माना जाता है। गर्मियों में यह शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मददगार साबित हो सकता है।

कम समय में तैयार होने वाला हेल्दी भोजन

व्यस्त जीवनशैली में लोग ऐसे भोजन को प्राथमिकता देते हैं जो जल्दी तैयार हो और स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हो। कर्ड राइस इस जरूरत को पूरी तरह पूरा करता है। ऑफिस जाने वाले लोगों से लेकर विद्यार्थियों और बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग के लोग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।

फूड ब्लॉग्स और सोशल मीडिया के बढ़ते दौर में भी इसकी लोकप्रियता बरकरार है। कई फूड एक्सपर्ट इसे आज भी सबसे भरोसेमंद और पौष्टिक कंफर्ट फूड मानते हैं।

हर राज्य में अलग नाम, अलग स्वाद

भारत के विभिन्न राज्यों में कर्ड राइस को अलग-अलग नामों और स्वाद के साथ तैयार किया जाता है। तमिलनाडु में इसे थयिर साधम, कर्नाटक में मोसारन्ना, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पेरुगु अन्नम तथा केरल में थयिर चोरू के नाम से जाना जाता है।

महाराष्ट्र और गुजरात में यह दही भात के रूप में लोकप्रिय है, जबकि ओडिशा में इसे दही पखाल और पश्चिम बंगाल में दोई भात कहा जाता है। तमिलनाडु में इसका स्वाद अपेक्षाकृत हल्का रखा जाता है, जबकि कर्नाटक में कई बार इसमें अनार या अंगूर मिलाकर इसे अधिक पौष्टिक बनाया जाता है। वहीं आंध्र प्रदेश में इसे थोड़ा तीखा स्वाद दिया जाता है।

स्वाद, सेहत और परंपरा का अनोखा संगम

कर्ड राइस केवल एक साधारण व्यंजन नहीं, बल्कि भारतीय भोजन संस्कृति की एक महत्वपूर्ण पहचान है। स्वाद, पोषण और परंपरा का अनूठा मेल रखने वाला यह भोजन गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाने, पाचन को बेहतर बनाने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है।

 

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