नई दिल्ली: व्रत या उपवास को आमतौर पर धार्मिक आस्था से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सही तरीके से किया गया उपवास शरीर को कई तरह के लाभ भी पहुंचा सकता है। आजकल कई लोग धार्मिक कारणों के अलावा फिटनेस, वजन नियंत्रण और बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी सप्ताह में एक दिन उपवास रखते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित तरीके से की गई फास्टिंग न केवल वजन कम करने में मदद करती है, बल्कि शरीर की कई अन्य प्रक्रियाओं को भी बेहतर बनाने में सहायक हो सकती है।
दिल की सेहत को मिल सकता है फायदा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, सप्ताह में एक दिन उपवास रखने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। इससे मांसपेशियों की कार्यक्षमता बेहतर बनी रहती है और हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम कम करने में भी सहायता मिल सकती है। स्वस्थ जीवनशैली के साथ नियमित और संतुलित उपवास हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।
वजन नियंत्रित रखने में मिल सकती है मदद
उपवास के दौरान लोग सीमित मात्रा में भोजन करते हैं, जिससे अनावश्यक खाने की आदत और बार-बार कुछ खाने की इच्छा पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है। इससे अतिरिक्त कैलोरी और वसा का सेवन कम हो सकता है, जो वजन नियंत्रित रखने और मोटापे के जोखिम को घटाने में सहायक माना जाता है।
पाचन तंत्र को मिलता है आराम
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्वस्थ व्यक्ति सही तरीके से सप्ताह में एक दिन उपवास रखता है, तो पाचन तंत्र को कुछ समय का आराम मिल सकता है। इससे पाचन प्रक्रिया बेहतर हो सकती है और शरीर से अवांछित तत्वों को बाहर निकालने में भी मदद मिलती है। साथ ही, यह पेट की अम्लता को संतुलित रखने में भी सहायक हो सकता है।
ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में हो सकता है सहायक
उपवास के दौरान भोजन में नमक का सेवन सामान्य दिनों की तुलना में कम हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अतिरिक्त नमक शरीर से बाहर निकलने की प्रक्रिया के कारण रक्तचाप को नियंत्रित रखने में भी सहायता मिल सकती है।
कैंसर को लेकर क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों के अनुसार, उपवास कैंसर का उपचार नहीं है और न ही यह कैंसर कोशिकाओं को समाप्त करता है। हालांकि, कुछ शोधों में यह संकेत मिले हैं कि नियंत्रित फास्टिंग कुछ परिस्थितियों में कोशिकाओं की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकती है। इस विषय पर अभी और वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है, इसलिए इसे कैंसर से बचाव का निश्चित उपाय नहीं माना जा सकता।
उपवास के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
उपवास का अर्थ पूरे दिन बिना पानी पिए या अत्यधिक भूखे रहना नहीं है। शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलना जरूरी है। यदि आपके व्रत में अनुमति हो तो फल, दूध, दही, मेवे और हल्के पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा सकता है। व्रत खोलते समय एक साथ अधिक भोजन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, अधिक मात्रा में तले हुए खाद्य पदार्थ, मीठे पेय, चाय और कॉफी का सेवन करने से लाभ की बजाय नुकसान हो सकता है।