नई दिल्ली: बीते दो-तीन दिनों में हुई बारिश और तेज हवाओं के चलते दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। इसी के आधार पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार को ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) स्टेज-1 के तहत लगाए गए सभी प्रतिबंधों को वापस लेने का निर्णय लिया है।
AQI में सुधार के बाद लिया गया फैसला
शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 123 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। बीते दिनों हुई बारिश और अनुकूल मौसम परिस्थितियों के कारण प्रदूषण स्तर में गिरावट आई, जिससे स्थिति में सुधार देखा गया। इसी के चलते CAQM की उप-समिति ने समीक्षा बैठक में ग्रैप-1 की पाबंदियों को समाप्त करने का फैसला लिया।
19 मई को लागू हुई थीं पाबंदियां
इससे पहले 19 मई को दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बिगड़ने के कारण ग्रैप-1 की पाबंदियां लागू की गई थीं। आयोग की बैठक में भारतीय मौसम विभाग और आईआईटीएम के पूर्वानुमानों की समीक्षा भी की गई, जिसमें आगामी दिनों में हवा की गुणवत्ता के ‘मध्यम’ श्रेणी में बने रहने की संभावना जताई गई।
तापमान में भी आई गिरावट
बारिश के बाद राजधानी के तापमान में भी राहत दर्ज की गई है। 13 दिनों बाद दिल्ली के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया। रिज क्षेत्र में 36.8 डिग्री, आयानगर में 36 डिग्री, पालम में 35.2 डिग्री, लोधी रोड में 35.7 डिग्री और सफदरजंग में 36.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
ग्रैप सिस्टम क्या है
ग्रैप सिस्टम तब लागू किया जाता है जब वायु गुणवत्ता खराब होने लगती है। AQI 201 से 300 के बीच होने पर पहला चरण, 301 से 400 पर दूसरा चरण, 401 से 500 पर तीसरा चरण और 450 से अधिक होने पर चौथा चरण लागू किया जाता है। इसका उद्देश्य प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए चरणबद्ध सख्त कदम उठाना होता है।