सरकारी एडवाइजरी के बाद भी भारत में धड़ल्ले से देखा जा रहा पाकिस्तानी डिजिटल कंटेंट
ड्रामा, व्लॉग और प्रोपेगेंडा कंटेंट अब भी भारतीय दर्शकों तक पहुंच रहा है
दिल्ली: भारत सरकार ने हाल ही में पाकिस्तान से जुड़े डिजिटल कंटेंट को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए एक एडवाइजरी जारी की थी। इस एडवाइजरी का उद्देश्य था कि भारत में ऐसे कंटेंट की पहुंच को रोका जाए, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, जनभावनाओं और सूचना तंत्र पर असर डाल सकता है।हालांकि, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है।
सरकारी दिशा-निर्देशों के बावजूद पाकिस्तानी डिजिटल सामग्री आज भी अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय दर्शकों के लिए आसानी से उपलब्ध है। इसमें पाकिस्तानी टीवी ड्रामे, लाइफस्टाइल और ट्रैवल व्लॉग्स, राजनीतिक टॉक शो और यहां तक कि पाकिस्तान की सेना से जुड़े प्रचारात्मक कार्यक्रम भी शामिल हैं।
किन प्लेटफॉर्म्स पर दिख रहा कंटेंट
सोशल मीडिया, वीडियो स्ट्रीमिंग साइट्स और ओवर-द-टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म्स पर यह कंटेंट बिना किसी खास रोक-टोक के देखा जा सकता है। कई अकाउंट्स और चैनल्स भारतीय यूजर्स को टारगेट करते हुए नियमित रूप से ऐसे वीडियो अपलोड कर रहे हैं।
सुरक्षा और निगरानी पर सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का कंटेंट केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए वैचारिक प्रभाव और प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश भी हो सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि एडवाइजरी जारी होने के बाद भी इन प्लेटफॉर्म्स पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है।
सरकार की मंशा स्पष्ट है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर उसका असर फिलहाल सीमित दिखाई दे रहा है। पाकिस्तानी डिजिटल कंटेंट की निरंतर उपलब्धता ने एक बार फिर ऑनलाइन निगरानी और क्रियान्वयन की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।