दिवाली और छठ पूजा को लेकर गौतमबुद्धनगर प्रशासन सतर्क, आगजनी और हादसों से बचने के लिए जारी हुए खास निर्देश
गौतमबुद्धनगर: दीपावली और छठ पूजा के दौरान लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें आग लगने की घटनाओं से बचाव, बिजली के सुरक्षित इस्तेमाल और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि त्योहारों को सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाएं, पटाखे जलाते समय सावधानी बरतें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। आपात स्थिति में तत्काल सूचना देने के लिए जिला आपातकालीन कंट्रोल रूम के दो नंबर भी जारी किए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह ने जनपदवासियों से कहा है कि आगामी त्योहारों के दौरान अपनी सुरक्षा के साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। किसी भी अपुष्ट सूचना को सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से साझा न करें। आपातकालीन परिस्थिति में घबराने के बजाय संयम बनाए रखें और प्रशासन को तुरंत सूचित करें।
दीपक और पटाखे जलाते समय बरतें सावधानी
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों को दीपक, मोमबत्ती और पूजा के दौरान इस्तेमाल होने वाली जलती सामग्री को पर्दों, कपड़ों, कागज, लकड़ी और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखने की सलाह दी है। घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों में दीपक व मोमबत्तियां सुरक्षित स्थान पर रखें। इन्हें जलता छोड़कर कहीं न जाएं।
पटाखे केवल खुले और सुरक्षित स्थानों पर जलाएं। संकरी गलियों, बाजारों, पार्किंग स्थलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पटाखे चलाने से बचें। पटाखे जलाते समय पानी से भरी बाल्टी, रेत और प्राथमिक अग्निशमन उपकरण पास रखें।
पटाखों को हाथ में पकड़कर न जलाएं और न ही जलते हुए पटाखे के ऊपर झुकें। अगर कोई पटाखा नहीं जलता है तो उसे दोबारा जलाने की कोशिश न करें। पटाखों को घर के अंदर, रसोईघर, गैस सिलेंडर, पेट्रोल पंप या ज्वलनशील पदार्थों के पास जमा न करें। बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें। उन्हें हमेशा किसी जिम्मेदार वयस्क की निगरानी में ही पटाखे चलाने दें।
आग लगने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचें और अग्निशमन व आपातकालीन सेवाओं को सूचना दें।
बिजली की झालर और उपकरणों के इस्तेमाल में सतर्कता जरूरी
प्राधिकरण ने घरों और प्रतिष्ठानों में सजावटी बिजली की लाइटें व झालरें लगाने के दौरान अच्छी गुणवत्ता वाले प्रमाणित उपकरणों का इस्तेमाल करने को कहा है। खुले बिजली के तारों, क्षतिग्रस्त प्लग, ओवरलोडेड एक्सटेंशन बोर्ड और अस्थायी विद्युत कनेक्शन से बचने की सलाह दी गई है।
विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल नहीं होने पर उनका मुख्य स्विच बंद रखें। बिजली के तारों और उपकरणों के आसपास पटाखे न जलाएं। शॉर्ट सर्किट से आग लगने पर पानी का इस्तेमाल न करें। सबसे पहले सुरक्षित स्थान से बिजली की आपूर्ति बंद कराएं और उचित अग्निशमन उपकरण का उपयोग करें।
पटाखों के धुएं से बच्चों और बुजुर्गों को बचाएं
पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन ने निर्धारित न्यायालयीय दिशा-निर्देशों का पालन करने और पर्यावरण के अनुकूल दीपावली मनाने की अपील की है। अनावश्यक रूप से पटाखे जलाने से बचने और बच्चों तथा बुजुर्गों को धुएं से सुरक्षित रखने को कहा गया है।
एडवाइजरी के मुताबिक, पटाखों से निकलने वाला धुआं और ध्वनि स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं। खासतौर पर सांस संबंधी समस्याओं से प्रभावित लोगों का ध्यान रखना जरूरी है। पटाखे जलाने के बाद निकले कचरे को खुले स्थानों, सड़कों और नालियों में न फेंकें। उसका उचित निस्तारण करें। कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री को खुले में जलाने से भी बचें। वायु गुणवत्ता और प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रशासन की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
आपात स्थिति में भीड़ न लगाएं, राहत कार्य में करें सहयोग
प्रशासन ने कहा है कि आगजनी, दुर्घटना, बिजली से जुड़े हादसे या किसी अन्य आपातकालीन स्थिति में घबराएं नहीं। सबसे पहले खुद को और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं और संबंधित विभाग को तत्काल सूचना दें।
आग या किसी अन्य आपदा के दौरान घटनास्थल पर भीड़ जमा न करें, ताकि राहत और बचाव कार्य में लगे कर्मचारियों को काम करने में परेशानी न हो। किसी भी अफवाह या अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें और उसे सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें। आपातकालीन स्थिति में केवल प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
नागरिकों, व्यापारियों और सोसायटियों से विशेष अपील
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जनपद के नागरिकों, व्यापारियों, आवासीय सोसायटियों, बाजार समितियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों से त्योहारों के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों तथा न्यायालयीय दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि सामूहिक जागरूकता और जिम्मेदार व्यवहार से आगजनी, दुर्घटनाओं और अन्य संभावित आपदाओं को रोका जा सकता है।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर दें सूचना
किसी भी आपातकालीन स्थिति, दुर्घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों, आपातकालीन सेवाओं या जिला आपातकालीन कंट्रोल रूम को दें।
- 0120-2978231
- 0120-2978232