आर्क टाइप ब्रिज के रूप में होगा निर्माण
प्राधिकरण की योजना के मुताबिक, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के ऊपर बनने वाला यह फ्लाईओवर नेटवर्क आर्क टाइप ब्रिज होगा। इसकी कुल लंबाई 610 मीटर और चौड़ाई 9.5 मीटर निर्धारित की गई है। पुल के मुख्य हिस्से की लंबाई 65 मीटर होगी, जबकि दोनों ओर आने-जाने के लिए बनाए जाने वाले रैंप और पहुंच मार्ग की कुल लंबाई 545 मीटर रहेगी।
बीच में नहीं होगा कोई पिलर
इस फ्लाईओवर की खास बात यह है कि इसका ढांचा सिंगल-स्पैन व्यवस्था पर आधारित होगा। यानी पुल के बीच में किसी तरह का केंद्रीय या अतिरिक्त सहारा नहीं बनाया जाएगा। मुख्य पुल का हिस्सा 65 मीटर लंबा होगा। इससे सेक्टर-148 और सेक्टर-150 के बीच यातायात के लिए सीधा रास्ता उपलब्ध कराने की योजना है।
दिल्ली और गाजियाबाद से आने वालों को मिलेगी सुविधा
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के अन्य हिस्सों से सेक्टर-150 और आसपास के सेक्टरों की ओर जाने वाले वाहन चालकों को सीधा और अलग मार्ग उपलब्ध कराना है। फ्लाईओवर बनने से इन क्षेत्रों तक पहुंचने में सुविधा होगी और वाहन चालकों को एक्सप्रेसवे पर आवागमन के लिए बेहतर संपर्क मार्ग मिल सकेगा।
आईआईटी रुड़की से कराई जाएगी डीपीआर की जांच
नोएडा प्राधिकरण ने फ्लाईओवर की डीपीआर तैयार कर ली है। अब इसकी तकनीकी जांच के लिए रिपोर्ट आईआईटी रुड़की भेजी जा रही है। जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परियोजना की प्रमुख जानकारी
- परियोजना: सेक्टर-148 और सेक्टर-150 को जोड़ने वाला फ्लाईओवर
- स्थान: नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे
- पुल का प्रकार: नेटवर्क आर्क टाइप ब्रिज
- मुख्य पुल की लंबाई: 65 मीटर
- फ्लाईओवर की कुल लंबाई: 610 मीटर
- रैंप और पहुंच मार्ग की लंबाई: 545 मीटर
- फ्लाईओवर की चौड़ाई: 9.5 मीटर
- अनुमानित लागत: 84.16 करोड़ रुपये
- निर्माण पूरा करने का लक्ष्य: लगभग 18 महीने