दीपावली से पहले मिठाई की दुकानों पर छापेमारी, 360 किलो रसगुल्ले नष्ट; 9 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे
गौतमबुद्धनगर: दीपावली के त्योहार से पहले मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में जांच अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सोमवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने अलग-अलग मिठाई निर्माणशालाओं पर छापेमारी की। इस दौरान नौ खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए जुटाए गए। वहीं, मक्खी-मच्छर पाए जाने और प्रथम दृष्टया मानव उपभोग के योग्य नहीं होने के कारण कुल 360 किलो रसगुल्ले नष्ट कराए गए।
तीन मिठाई निर्माणशालाओं से लिए गए नमूने
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल कुमार गुप्ता और रितु सक्सेना की टीम ने जोधपुरवाला स्थित मिठाई निर्माणशाला से केसर चमचम और लड्डू के एक-एक नमूने लिए।
वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और अमर बहादुर सरोज की टीम ने ग्रेटर नोएडा के देवला स्थित सोनू पाल की रसगुल्ला निर्माणशाला से दूध, छेना और रसगुल्ला के एक-एक नमूने संग्रहित किए। जांच के दौरान वहां करीब 300 किलो रसगुल्लों में मक्खी-मच्छर पाए गए। रसगुल्ले प्रदूषित अवस्था में थे और प्रथम दृष्टया मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त प्रतीत हुए। इसके चलते पूरी मात्रा नष्ट करा दी गई।
दो अन्य स्थानों पर भी हुई कार्रवाई
इसी टीम ने दादरी के तिलपता कर्णवास स्थित मुलायम सिंह की मिठाई निर्माणशाला से बूंदी के लड्डू और रसगुल्ले के एक-एक नमूने लिए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी रविंद्र नाथ वर्मा और विजय बहादुर पटेल की टीम ने दनकौर के गढ़ी बावन बीघा स्थित कृष्णा स्वीट भंडार से छेना रसगुल्ला और डोडा बर्फी के नमूने संग्रहित किए। यहां करीब 60 किलो छेना रसगुल्ला में मक्खी-मच्छर पाए जाने और प्रदूषित होने के कारण उसे भी मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त मानते हुए नष्ट करा दिया गया।
इस तरह विभाग की टीमों ने कुल नौ नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
मिठाई विक्रेताओं को दिए गए सख्त निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य पदार्थ विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे खाद्य सामग्री केवल खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाइसेंस प्राप्त या पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही खरीदें। खरीदारी के समय बिल लेना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। साथ ही खाद्य सामग्री प्राप्त करने और उपभोक्ताओं को बेचने से पहले निर्माण तिथि और बैच नंबर की जांच करें।
आगे भी जारी रहेगा जांच अभियान
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में आगे भी इसी तरह जांच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी, ताकि त्योहार के दौरान जिले के लोगों को निर्धारित मानकों के अनुरूप शुद्ध खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें।