गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में गूंजे ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के पक्ष-विपक्ष में तर्क, युवा संसद में विद्यार्थियों ने रखे विचार

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ग्रेटर नोएडा: गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में सोमवार को विकसित भारत युवा संसद 2026-27 का आयोजन किया गया। माय भारत गौतमबुद्धनगर की ओर से विश्वविद्यालय के समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। युवा संसद के दौरान विद्यार्थियों ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विषय पर अपने विचार रखे और इसके संवैधानिक, लोकतांत्रिक व व्यावहारिक पहलुओं पर पक्ष और विपक्ष में तर्क प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. सुशील कुमार, माय भारत गौतमबुद्धनगर के उप निदेशक शिवेंद्र सिंह और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गौरव कुमार मौजूद रहे।

युवाओं में लोकतांत्रिक समझ और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और संविधान के प्रति समझ विकसित करना रहा। इसके साथ ही तार्किक अभिव्यक्ति और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देकर युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।

मुख्य विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी ने कहा कि युवा संसद के माध्यम से युवाओं में संवैधानिक जिम्मेदारियों, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं हैं, बल्कि वर्तमान में भी सामाजिक बदलाव और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सकारात्मक सोच का उपयोग देश के विकास में करने का आह्वान किया।

कुलपति ने भारतीय संस्कृति और व्यावहारिक ज्ञान का महत्व बताया

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और व्यावहारिक ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को प्रशासनिक व्यवस्था को समझने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा संसद जैसे मंच विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनमें लोकतांत्रिक चेतना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

माय भारत गौतमबुद्धनगर के उप निदेशक शिवेंद्र सिंह ने युवाओं को सुशासन और नीति निर्माण से जोड़ने में युवा संसद की भूमिका बताई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के युवा विकसित भारत के केवल भावी नागरिक नहीं, बल्कि इसके निर्माण में सक्रिय भागीदार भी हैं। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने और अपने विचारों को तार्किक तरीके से प्रस्तुत करने की अपील की।

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर भाषण प्रतियोगिता

कार्यक्रम के तहत ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने विषय के विभिन्न पहलुओं पर पक्ष और विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों की तार्किक क्षमता, विषय की समझ, अभिव्यक्ति कौशल और आत्मविश्वास के आधार पर मूल्यांकन किया गया।

प्रतियोगिता के लिए पांच सदस्यीय निर्णायक मंडल बनाया गया था। इसमें गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय की डॉ. रितिका जोशी और सृजना जायसवाल, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के डॉ. प्रीतीश कुमार, दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. पवन सिंह और अमर उजाला के ब्यूरो चीफ अतुल भारद्वाज शामिल रहे।

आयोजकों और निर्णायक मंडल का जताया आभार

कार्यक्रम के समापन पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. सुशील कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने अतिथियों, निर्णायक मंडल के सदस्यों, प्रतिभागियों और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में एनएसएस के डॉ. गौरव कुमार, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. भास्वती बनर्जी और प्रीतेश मिश्रा के साथ दिनेश शर्मा तथा अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने, राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर स्वतंत्र और तार्किक विचार रखने तथा विकसित भारत @2047 के निर्माण में अपनी भूमिका पहचानने का अवसर मिला।

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