DM का सख्त निर्देश: आउटसोर्सिंग एजेंसियों की जवाबदेही तय, गड़बड़ी पर ब्लैकलिस्ट और लाइसेंस रद्द होगा
गौतमबुद्धनगर में औद्योगिक शांति और शासन की गाइडलाइंस के शत-प्रतिशत पालन को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित अहम बैठक में साफ कर दिया गया कि यदि किसी आउटसोर्सिंग एजेंसी या उसके कर्मचारी/श्रमिक द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाता है, तो उसकी जिम्मेदारी एजेंसी की भी मानी जाएगी और उसके खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग से लेकर लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जा सकती है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अहम बैठक, एजेंसियों को सख्त संदेश
कार्यालय कक्ष में हुई इस बैठक में जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों से जुड़ी आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि उद्योगों के संचालन और रोजगार सृजन में इन एजेंसियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए उन्हें अपने श्रमिकों को अनुशासित और प्रशिक्षित रखना होगा ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न फैले।
शासन की गाइडलाइंस का 100% पालन अनिवार्य
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी संविदाकारों को निर्देशित किया कि वे शासन द्वारा जारी सभी गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

उपद्रव की स्थिति में एजेंसी भी होगी जिम्मेदार
प्रशासन ने दो टूक कहा कि अगर किसी एजेंसी के कर्मचारी या श्रमिक उपद्रव करते हैं, तो केवल व्यक्ति ही नहीं बल्कि संबंधित एजेंसी भी जिम्मेदार मानी जाएगी। ऐसे मामलों में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और उसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
न्यूनतम वेतन का सख्ती से पालन करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का हवाला देते हुए कहा कि अकुशल श्रमिकों को 13,690 रुपये, अर्धकुशल को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये प्रतिमाह दिए जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि श्रमिकों का पूरा वेतन सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर हो।
उद्योग, श्रमिक और नियोजक—तीनों एक-दूसरे के पूरक
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि उद्योग, श्रमिक और नियोजक तीनों एक-दूसरे के पूरक हैं। औद्योगिक गतिविधियों में किसी भी तरह की बाधा का असर न सिर्फ रोजगार पर पड़ेगा, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगा।
अफवाहों से दूर रहने और सहयोग बनाए रखने की अपील
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और आपसी सहयोग तथा विश्वास के साथ कार्य करते हुए औद्योगिक शांति बनाए रखें।

प्रशासन हर समस्या के समाधान के लिए तैयार
बैठक के अंत में प्रशासन ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार श्रमिकों और नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन तत्परता से कार्य करेगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार, डीडी फैक्ट्री बृजेश सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के संविदाकार उपस्थित रहे।