लखनऊ: क्राइम पर लगाम लगाने का युद्ध अब केवल थानों और फाइलों तक सीमित नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा के जरिए हाईटेक हो गई है। ‘पुलिस मंथन-2025’ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज (शनिवार को) यूपी पुलिस का ‘यक्ष ऐप’ लॉन्च किया। इसका साफ संदेश है कि अब हर अपराधी की डिजिटल तरीके से निगरानी होगी। इस ऐप के जरिए अपराध का लेखा-जोखा रखा जाएगा। इस आर्टिकल में जानिए कि यक्ष ऐप के फीचर क्या-क्या हैं?
बता दें कि ‘यक्ष ऐप’AI और Big Data एनालिसिस की मदद से तैयार किया गया बीट बुक का डिजिटल स्वरूप है। जानिए इसके फीचर-
- उत्तर प्रदेश में किसी भी जिले में जघन्य और सनसनीखेज अपराधों को करने वाले सभी अपराधियों का उनके निवास थाने के आधार पर अभिलेखीकरण व लगातार सत्यापन।
- बीट कर्मचारी प्रत्येक अपराधी का सत्यापन उसके रहने के स्थान पर जाकर कर करेंगे और आवश्यकतानुसार गांव/मोहल्ले के व्यक्तियों, परिवार के सदस्यों से बात करके सही-सही जानकारी भर सकेंगे।
- थानों की बीट व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण व बीट के प्रत्येक कर्मी की ‘बीट के अपराधी की जिम्मेदारी बीट सिपाही के नाम’ के सिद्धांत पर जबावदेही।
- वास्तविक सक्रिय अपराधियों, माफिया, हिस्ट्रीशीटर, जिला बदर, वाण्टेड, पुरस्कार घोषित की आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी एवं रोकथाम।
- Al Powered Facial Recognition के माध्यम से संदिग्ध अपराधियों की पहचान की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
- यक्ष ऐप में Al Powered Voice Search की भी व्यवस्था रहेगी जिससे घटना के अनावरण व अपराधों के रोकथाम में मदद मिलेगी।
- टॉप-10 अपराधियों के चयन की पारदर्शी व प्रभावी प्रकिया।
- किसी जघन्य व सनसनीखेज आपराधिक घटना के घटित होने या उसके समाधान करने के लिए उपरोक्त Database से तत्काल संभावित अपराधियों का मार्किंग एवं उनकी अद्यतन स्थिति और उक्त संभावित अपराधी की जानकारी रखने वाले पुलिसकर्मी की तत्काल जानकारी।
- सीसीटीएनएस पर दर्ज अभियोग में आरोप पत्र लगने के बाद अभियोग से संबंधित अभियुक्तों का विवरण खुद ऐप में प्रदर्शित होने लगेगा।
- सजायाफ्ता अपराधियों की निगरानी और हिस्ट्रीशीटर की निगरानी।
- लाइसेंसी शस्त्रों एवं कारतूसों का सत्यापन।
- ऐप में अभियुक्तों की श्रेणीवार कलर कोडिंग की व्यवस्था।
- ऐप में अभियुक्त द्वारा किए गए अपराध की संवेदनशीलता, अपराध करने का समय, अपराध में प्रयुक्त हथियार के अनुसार अभियुक्त के स्कोर निर्धारण की व्यवस्था की गई है ताकि उनको श्रेणीबद्ध करते हुए निगरानी की जा सकेगी।
- इस ऐप में यह व्यवस्था भी उपलब्ध है कि अभियुक्त के सत्यापन के दौरान यदि अभियुक्त अपना निवास स्थान छोड़कर अन्य स्थान पर जाता है तो बीट कर्मचारी द्वारा यह रिपोर्ट दर्ज करने पर अभियुक्त द्वारा गंतव्य स्थान के थाना क्षेत्र के संबंधित बीट कर्मचारी को अलर्ट प्राप्त हो जाएगा एवं संबंधित बीट के कर्मचारी को सत्यापन की जिम्मेदारी होगी।
- बीट कर्मियों द्वारा उनके बीट क्षेत्र में हो रहे अपराधिक गतिविधियां जैसे- जुआं, अवैध शराब/शस्त्र, मादक द्रव्यों की बिक्री व तस्करी, पशु तस्करी आदि।
- क्राइम GPT (Generative Pre-trained Transformer) एक नई तकनीक है जो अपराध से जुड़े डेटा का विश्लेषण करती है। यह यक्ष ऐप में उपलब्ध है। इसके जरिए आप अपराधियों और अपराध से जुड़े सवाल साधारण बातचीत की तरह पूछ सकते हैं। जवाब भी उसी तरह मिलेंगे, जैसे आप किसी से सीधे बात कर रहे हों।
- यक्ष ऐप एडवांस्ड गैंग एनालिसिस ऑप्शन के साथ आता है, जिससे सभी अपराधी जो एक दूसरे के साथ मिलकर गैंग बनाते हुए अपराध करते हैं, को बहुत आसानी से ढूंढा जा सकता है। FIR और दूसरे डॉक्यूमेंट्स को मैन्युअली स्क्रॉल करने के बजाय, यक्ष ऐप AI का इस्तेमाल करके सभी अपराधी जो एक दूसरे के साथ मिलकर अपराध करते हैं उसे एक स्थान पर गैंग के रूप में प्रस्तुत करता हैं जिससे गैंग के विरूद्ध कार्रवाई करने में आसानी हो सकेगी।