होमगार्ड होंगे और ज्यादा प्रशिक्षित व आधुनिक, सीएम योगी ने CPR और फर्स्ट एड ट्रेनिंग को किया अनिवार्य
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में होमगार्ड संगठन को और अधिक सक्षम, आधुनिक और तकनीक-संपन्न बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि सभी होमगार्ड जवानों को अनिवार्य रूप से CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) और फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी दुर्घटना, आपदा या आपात स्थिति में पुलिस और होमगार्ड कर्मी सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचते हैं, इसलिए उनकी त्वरित प्रतिक्रिया कई लोगों की जान बचा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड संगठन प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और जनसेवा का महत्वपूर्ण आधार है। बदलते समय की चुनौतियों को देखते हुए संगठन को आधुनिक संसाधनों, बेहतर प्रशिक्षण और मजबूत आधारभूत ढांचे से लैस करना जरूरी है। उन्होंने विभाग से जुड़े सभी विकास कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
‘गोल्डन ऑवर’ की जानकारी भी दी जाएगी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी गंभीर दुर्घटना या स्वास्थ्य आपातकाल में शुरुआती समय यानी ‘गोल्डन ऑवर’ सबसे महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में होमगार्ड और पुलिस कर्मियों को CPR और प्राथमिक उपचार की जानकारी होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इनकी सतर्कता और समय पर कार्रवाई कई जिंदगियों को बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
67 हजार से अधिक होमगार्ड दे रहे सेवाएं
समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्ष 1963 में स्थापित उत्तर प्रदेश होमगार्ड संगठन में कुल 1,18,348 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में 67,971 होमगार्ड प्रदेशभर में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। संगठन कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आपातकालीन सेवाओं, सार्वजनिक सुरक्षा और जनकल्याण से जुड़े अनेक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
आपदा प्रबंधन में भी मजबूत हो रही तैयारी
विभागीय प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन के तहत 3,812 होमगार्डों को ‘आपदा मित्र’ के रूप में प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अलावा 1,091 स्वयंसेवकों को अग्निशमन एवं बचाव कार्यों तथा 425 कर्मियों को बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
41 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी
मुख्यमंत्री ने होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया की भी समीक्षा की और इसे पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि 41,424 रिक्त पदों पर नामांकन प्रक्रिया के तहत अप्रैल 2026 में लिखित परीक्षा आयोजित की जा चुकी है। भर्ती का अंतिम परिणाम सितंबर 2026 में जारी किए जाने की तैयारी है।
चयनित अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रशिक्षण संस्थानों में 90 दिनों का आधारभूत प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अनुशासित और पेशेवर होमगार्ड बल के निर्माण के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सबसे महत्वपूर्ण है।
प्रशिक्षण और सुविधाओं में भी बढ़ोतरी
बैठक में जानकारी दी गई कि होमगार्डों के प्रशिक्षण भत्ते को बढ़ाकर ड्यूटी भत्ते के बराबर कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक होमगार्ड को हर तीन वर्ष में 3,000 रुपये का वर्दी भत्ता देने की व्यवस्था भी लागू की गई है।
104 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं पर काम जारी
मुख्यमंत्री ने विभाग की आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर भी जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि करीब 104.80 करोड़ रुपये की लागत वाली 20 निर्माण परियोजनाओं पर कार्य तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने इन सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए।