Israel-US-Iran War: बुशहर पर हमले के बाद ईरान की परमाणु चेतावनी, कहा- ‘खाड़ी देशों का जीवन हो जाएगा खत्म’
इजरायल और अमेरिका द्वारा तेहरान स्थित बुशहर परमाणु केंद्र पर शनिवार को चौथी बार बड़े हमले के बाद मध्य-पूर्व का तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इस हमले के बाद ईरान ने पहली बार खुलकर परमाणु स्तर की चेतावनी दी है। ईरान ने साफ कहा है कि इन हमलों का असर तेहरान पर नहीं, बल्कि खाड़ी देशों पर विनाशकारी रूप में पड़ेगा।
विदेश मंत्री की सख्त चेतावनी, GCC देशों पर बताया बड़ा खतरा
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इजरायल और अमेरिका को सीधे तौर पर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर बार-बार बमबारी से अगर रेडियोएक्टिव फॉलआउट होता है, तो इसका असर तेहरान पर नहीं बल्कि सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान जैसे खाड़ी देशों की राजधानियों पर पड़ेगा, जहां जीवन पूरी तरह खत्म हो सकता है।
लगातार चौथी बार बुशहर पर हमला, बढ़ा परमाणु खतरा
ईरान के मुताबिक, इजरायल और अमेरिका अब तक बुशहर परमाणु केंद्र को चार बार निशाना बना चुके हैं। इस तरह के हमलों से रेडियोधर्मी विकिरण फैलने का खतरा बढ़ गया है, जो पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर संकट बन सकता है।
ईरान के पलटवार के बाद तेज हुई कार्रवाई
बीते 24 घंटों में ईरान ने अमेरिका के कई सैन्य संसाधनों को निशाना बनाया। इसमें 2 फाइटर जेट, एक ए-10 एयरक्राफ्ट, कई हेलीकॉप्टर, 2 एमक्यू-9 ड्रोन और कई क्रूज मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया गया है। इसके बाद इजरायल और अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए बुशहर पर फिर हमला किया।
पश्चिमी देशों पर दोहरे रवैये का आरोप
अब्बास अराघची ने पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के ज़ापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र के पास गतिविधियों पर जिस तरह का आक्रोश जताया गया था, वैसा ही रुख बुशहर पर हो रहे हमलों को लेकर क्यों नहीं दिख रहा। उन्होंने कहा कि ईरान के पेट्रोकेमिकल संयंत्रों को निशाना बनाना विरोधियों के असली इरादों को उजागर करता है।
स्थायी समाधान की मांग, अस्थायी समझौते से इनकार
ईरान ने यह भी साफ किया कि उस पर यह युद्ध थोपा गया है और वह इसका स्थायी और सशर्त समाधान चाहता है। विदेश मंत्री ने कहा कि किसी भी अस्थायी व्यवस्था का कोई महत्व नहीं है और क्षेत्र में स्थिरता के लिए ठोस समाधान जरूरी है।