Mardaani 3 Review: ‘लड़की है, लड़ सकती है’ की गूंज के साथ बॉक्स ऑफिस टेस्ट पर उतरी रानी मुखर्जी, जानिए कैसी है ‘मर्दानी 3’
जनवरी के आखिरी शुक्रवार यानी 30 जनवरी को रानी मुखर्जी की फिल्म ‘मर्दानी 2’ रिलीज हो गई है। 23 जनवरी को रिलीज हुई सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ पहले से ही बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त शोर मचा रही है। ऐसे में लंबे इंतजार के बाद आई रानी मुखर्जी की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘मर्दानी 3’ भी सिनेमाघरों में दर्शकों की कसौटी पर खड़ी है। साल 2014 में शुरू हुई मर्दानी फ्रेंचाइजी का यह तीसरा पार्ट है, जिसका दूसरा भाग 2019 में रिलीज हुआ था। ‘मर्दानी 3’ का निर्देशन अभिराज मीनावाला ने किया है। फिल्म में रानी मुखर्जी के साथ जानकी बोदीवाला और मल्लिका प्रसाद अहम भूमिकाओं में नजर आती हैं। सवाल यही है कि ‘बॉर्डर 2’ के तूफान के बीच क्या ‘मर्दानी 3’ अपनी अलग पहचान बना पाती है।
मर्दानी 3 की कहानी
फिल्म की कहानी बुलंदशहर से शुरू होती है, जहां लगातार लड़कियों के किडनैप होने की घटनाएं सामने आती हैं। इन अपहरणों के पीछे अम्मा नाम की महिला का गैंग है, जो लड़कियों को किडनैप करता है। कहानी उस वक्त खतरनाक मोड़ लेती है जब अम्मा एक बड़े अफसर की बेटी को अगवा कर लेती है। इसके बाद केस की जांच की कमान संभालती हैं शिवानी शिवाजी रॉय यानी रानी मुखर्जी। इस किडनैपिंग में अफसर की बेटी के साथ उनके घर में काम करने वाले शख्स की बेटी भी शामिल होती है। धीरे-धीरे सामने आता है कि इसके पीछे चाइल्ड बेगर गैंग का हाथ है, जो बेहद खौफनाक साजिश को अंजाम दे रहा है। कहानी का विषय दमदार है, लेकिन स्क्रीन पर उसका ट्रीटमेंट कमजोर पड़ जाता है। सस्पेंस ऐसा नहीं है कि दर्शक को चौंका सके और फिल्म का पेस भी कई जगह ढीला महसूस होता है, जिससे मजबूत मुद्दा भी हल्का पड़ जाता है।
डायरेक्शन में कहां चूके अभिराज मीनावाला
अभिराज मीनावाला के हाथ में एक ऐसी फ्रेंचाइजी थी, जिसकी पहले से अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है। मर्दानी सीरीज की पहचान हमेशा इसके दमदार विलेन और टाइट पेस रही है। ‘मर्दानी 3’ में अम्मा के नाम का खौफ तो रचा गया, लेकिन किरदार को पूरी तरह स्थापित नहीं किया जा सका। अम्मा का डर सिर्फ नाम तक सीमित रह जाता है। निर्देशन में धार और कसाव की कमी साफ नजर आती है। कुल मिलाकर डायरेक्शन औसत स्तर पर सिमट कर रह जाता है।
एक्टिंग के मोर्चे पर कैसी है मर्दानी 3
रानी मुखर्जी तीसरी बार शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में नजर आती हैं और पूरी ईमानदारी से भूमिका निभाती हैं। डायलॉग्स को दमदार बनाने की कोशिश दिखती है, हालांकि कई जगह गुस्से में उनका अंदाज जरूरत से ज्यादा लाउड हो जाता है। अम्मा का किरदार निराश करता है और फिल्म का कोई भी सहायक पात्र गहरी छाप छोड़ने में सफल नहीं हो पाता। अभिनय के लिहाज से फिल्म औसत कही जा सकती है।
मर्दानी 3 का फाइनल वर्डिक्ट
अगर आप मर्दानी फ्रेंचाइजी के फैन हैं, तो यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है, लेकिन निराशा की संभावना बनी रहेगी। रानी मुखर्जी के चाहने वालों के लिए यह फिल्म मिस करना मुश्किल होगा। वहीं, अगर आप फास्ट पेस थ्रिलर या जोरदार सस्पेंस की उम्मीद लेकर जा रहे हैं, तो दिल टूट सकता है। लॉजिक और शानदार परफॉर्मेंस तलाशने वालों को भी झटका लग सकता है।
रेटिंग: 2.5 स्टार
डायरेक्टर: अभिराज मीनावाला
कलाकार: रानी मुखर्जी, जानकी बोदीवाला, मल्लिका प्रसाद