आयुर्वेद दिवस पर नोएडा को मिली पंचकर्म की सुविधा, सांसद महेश शर्मा ने किया शुभारंभ; जागरूकता रैली में स्वस्थ जीवनशैली का संदेश
गौतमबुद्धनगर: आयुर्वेद दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी कार्यालय में पंचकर्म विभाग का शुभारंभ किया गया। सांसद डॉ. महेश शर्मा ने फीता काटकर इस नई सुविधा की शुरुआत की। इसके जरिए क्षेत्रवासियों को आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से जुड़ी पंचकर्म सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
भगवान धन्वंतरि के पूजन से कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान धन्वंतरि के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी ने सांसद डॉ. महेश शर्मा का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत और अभिनंदन किया। इस दौरान आयुर्वेद की उपयोगिता, उसके महत्व और स्वस्थ जीवनशैली में इसकी भूमिका को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।
स्थानीय स्तर पर मिलेंगी पंचकर्म चिकित्सा सेवाएं
पंचकर्म विभाग की शुरुआत को क्षेत्रवासियों के लिए आयुर्वेद आधारित पारंपरिक चिकित्सा सेवाओं को सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया। नई सुविधा के माध्यम से लोगों को पंचकर्म चिकित्सा पद्धति से संबंधित सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने का अवसर मिलेगा।
आयुर्वेद के प्रति जागरूकता के लिए निकली रैली
आयुर्वेद दिवस के मौके पर आम लोगों में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जागरूकता रैली भी निकाली गई। सांसद डॉ. महेश शर्मा और मुख्य विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली में आयुष विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, कर्मचारी और अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश
जागरूकता रैली के जरिए आमजन को आयुर्वेद, स्वस्थ जीवनशैली और आयुष चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में लोगों को आयुर्वेद और आयुष चिकित्सा पद्धतियों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
आयुष विभाग के अधिकारी और चिकित्सक रहे मौजूद
कार्यक्रम में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. बंदना रानी, वैद्य अच्युत त्रिपाठी और आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. दीपिका त्यागी समेत आयुष विभाग के अधिकारी, चिकित्सक और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में आमजन ने भी सहभागिता की।
आयुर्वेद की उपयोगिता जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और प्रतिभागियों ने आयुर्वेद की उपयोगिता को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करने का संकल्प लिया।