गौतमबुद्धनगर: उत्तर प्रदेश में राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिकों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब भूमिधारकों और आम नागरिकों को खतौनी की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए तहसील या कॉमन सर्विस सेंटर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राजस्व परिषद ने खतौनी की प्रमाणित प्रति ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू कर दी है।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) मंगलेश दुबे ने बताया कि नागरिक अब घर बैठे ही राजस्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से खतौनी की प्रमाणित प्रति प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा का उद्देश्य लोगों को तेज, सुविधाजनक और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
ऑनलाइन प्रक्रिया से मिलेगी प्रमाणित खतौनी
नई व्यवस्था के तहत आवेदक को राजस्व विभाग की वेबसाइट पर जाकर “खतौनी की नकल” विकल्प का चयन करना होगा। इसके बाद जनपद, तहसील और ग्राम का चयन कर संबंधित गाटा संख्या की जानकारी दर्ज करनी होगी। आवश्यक विवरण भरने के बाद खतौनी की प्रमाणित प्रति ऑनलाइन प्राप्त की जा सकेगी।
सिर्फ 15 रुपये में उपलब्ध होगी सेवा
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि प्रमाणित खतौनी प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। आवेदक क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, यूपीआई या क्यूआर कोड के माध्यम से मात्र 15 रुपये का भुगतान कर किसी भी गाटे की प्रमाणित खतौनी डाउनलोड कर सकता है।
24 घंटे मिलेगी सुविधा, समय और धन दोनों की होगी बचत
नई व्यवस्था लागू होने के बाद नागरिकों को अब तहसील स्थित कंप्यूटर केंद्रों या कॉमन सर्विस सेंटरों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सेवा चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी, जिससे लोग किसी भी समय और किसी भी स्थान से प्रमाणित खतौनी प्राप्त कर सकेंगे।
प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल पहल से नागरिकों का समय और खर्च दोनों बचेंगे। साथ ही राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को अधिक सुविधाजनक तरीके से सेवाएं मिल सकेंगी।
ई-गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा
राजस्व परिषद की यह पहल प्रदेश में ई-गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे भूमि अभिलेखों तक लोगों की पहुंच आसान होगी और सरकारी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।