पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद बैठक में रिफॉर्म्स पर दिया जोर, 9 विभागों ने किया प्रेजेंटेशन

0 19

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की अहम बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें उन्होंने सभी मंत्रालयों को प्रशासनिक सुधारों पर तेज़ी से काम करने और लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक शाम 5 बजे शुरू होकर करीब साढ़े चार घंटे तक चली, जिसमें 9 प्रमुख विभागों ने अपने-अपने कामकाज और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।

मंत्रालयों की समीक्षा, 9 विभागों ने रखा कामकाज का ब्योरा
इस उच्च स्तरीय बैठक में कृषि, वन, श्रम, सड़क परिवहन, कॉरपोरेट, विदेश, वाणिज्य और ऊर्जा समेत कुल 9 विभागों ने प्रस्तुतीकरण दिया। प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों के प्रदर्शन, नीतिगत फैसलों के परिणाम और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में कैबिनेट मंत्रियों के साथ स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री का प्रशासनिक सुधारों पर सख्त संदेश
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग जनहित को सर्वोपरि रखें और कामकाज में अधिक पारदर्शिता और गति लाई जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि फाइलों का निपटारा तेजी से हो और अनावश्यक प्रक्रियाओं को समाप्त किया जाए। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कम समय में अधिक और प्रभावी काम होना चाहिए तथा शासन व्यवस्था को सरल बनाया जाए। उन्होंने यह दोहराया कि वर्ष 2047 का ‘विकसित भारत’ सिर्फ लक्ष्य नहीं बल्कि एक ठोस संकल्प है।

मंत्रियों से 12 साल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की अपील
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जाएं और उन्हें प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें। बैठक में विदेश मंत्री की हालिया पांच देशों की यात्रा और उसके परिणामों की भी जानकारी साझा की गई। साथ ही कुछ मंत्रियों के कार्य प्रदर्शन पर भी चर्चा हुई और सुधार के निर्देश दिए गए।

वैश्विक परिस्थितियों पर भी हुई चर्चा
बैठक में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और ऊर्जा सुरक्षा पर भी चिंता जताई गई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने का मुद्दा प्रमुख रहा, जिससे महंगाई के दबाव की आशंका बढ़ गई है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में इसका सीधा असर ईंधन कीमतों और परिवहन लागत पर पड़ सकता है।

प्रधानमंत्री का ऊर्जा और खर्च को लेकर संदेश
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने हाल ही में नागरिकों से ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद सीमित करने और विदेश यात्राओं में संयम बरतने की अपील भी की है। बैठक को सरकार के कामकाज में गति लाने और नीतिगत सुधारों की दिशा में अहम माना जा रहा है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.