देशभर में मौसम ने करवट ली है। जहां उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं से गर्मी से राहत मिली है, वहीं मध्य भारत में हीटवेव का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग रूप दिखाएगा।
यूपी-दिल्ली में बारिश से मिली राहत
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी आंधी के साथ बूंदाबांदी देखने को मिली। वहीं असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी हल्की बारिश का असर रहा।
बांदा रहा सबसे गर्म, 44.4°C पहुंचा पारा
बारिश के बावजूद देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर बरकरार है। पिछले 24 घंटे में मध्य भारत और विदर्भ के इलाकों में तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा में सबसे अधिक 44.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। अन्य मैदानी इलाकों में भी तापमान 36 से 40 डिग्री के बीच बना हुआ है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान अपेक्षाकृत कम है।
मध्य भारत में हीटवेव का अलर्ट
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और तेलंगाना के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अगले तीन दिनों तक लू चलने की संभावना है। ओडिशा में 20 अप्रैल को और झारखंड में 19 से 21 अप्रैल के बीच हीटवेव जैसी स्थिति बन सकती है। महाराष्ट्र और तेलंगाना में 17 और 18 अप्रैल को भी गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम का रुख अलग है। अरुणाचल प्रदेश में 18 से 21 अप्रैल के बीच तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। असम और मेघालय में 19 और 20 अप्रैल को भारी वर्षा हो सकती है। वहीं पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 और 19 अप्रैल को बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर, तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम की इस बदलती तस्वीर के पीछे पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसका प्रभाव अफगानिस्तान और पाकिस्तान के आसपास के क्षेत्रों में देखा जा रहा है। इसके असर से उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट संभव है। हालांकि 19 से 21 अप्रैल के बीच तापमान फिर से 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है।
मध्य भारत में 17 से 19 अप्रैल तक तापमान स्थिर रहने की संभावना है, जिसके बाद इसमें 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। वहीं पूर्वी भारत में 17 से 21 अप्रैल के दौरान तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
कश्मीर से कर्नाटक तक बारिश का असर
उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान हल्की बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में भी तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। कर्नाटक में भी हल्की वर्षा और ठंडक बनी रह सकती है।
तटीय इलाकों में बढ़ेगी उमस
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी तटों पर अगले सात दिनों तक उमस भरा मौसम बना रह सकता है। इससे तटीय इलाकों में गर्मी का एहसास अधिक रहेगा, भले ही तापमान ज्यादा न बढ़े।