मुंबई में डिजिटल अरेस्ट का खौफनाक खेल: रिटायर्ड बैंकर से 40.90 लाख की ठगी, 50 दिन तक कॉल पर ‘कैद’ रखकर बनाया शिकार
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर को “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर करीब 50 दिनों तक मानसिक दबाव में रखकर 40.90 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस और NIA का अधिकारी बताकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
खुद को पुलिस और NIA अफसर बताकर दिया डर
पुलिस के अनुसार 61 वर्षीय पीड़ित भांडुप इलाके का रहने वाला है। 10 मार्च 2026 को उसे सिग्नल ऐप पर एक अनजान नंबर से वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस और NIA का PSI रैंक अधिकारी बताया।
ठगों ने दावा किया कि पीड़ित का नाम दिल्ली धमाकों से जुड़े एक संदिग्ध के फोन में मिला है और उसके आधार व मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया है।
झूठे आरोपों और धमकियों से 50 दिन तक मानसिक कैद
ठगों ने पीड़ित को सुप्रीम कोर्ट और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर मानसिक रूप से दबाव में रखा। उसे एक कमरे में रहने और लगातार कॉल पर जुड़े रहने के लिए मजबूर किया गया।
इस दौरान उसे यह भी कहा गया कि उसके नाम पर कर्नाटक के हुबली में बैंक खाता खोलकर 2.65 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई है।
अलग-अलग ट्रांजैक्शन में ठगे 40.90 लाख रुपये
लगातार डर और दबाव में रखकर आरोपियों ने पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में RTGS के जरिए पैसे ट्रांसफर करवाए।
11 मार्च को 2.90 लाख रुपये, 13 मार्च को 28 लाख रुपये और 18 मार्च को 10 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। यह पूरी रकम पीड़ित की पत्नी द्वारा लिए गए लोन से जुटाई गई थी।
काम खत्म होते ही ठगों ने तोड़े सारे संपर्क
करीब 50 दिनों तक चली इस साइबर ठगी के बाद आरोपियों ने पीड़ित को बताया कि मामला बंद हो गया है और इसके बाद अपने सभी फोन बंद कर दिए। इसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।
साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत, पुलिस जांच में जुटी
घटना का पता चलने के बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया और साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल ईस्ट रीजन साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सावधानी जरूरी: बढ़ रहा डिजिटल अरेस्ट का जाल
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर ठग किस तरह सरकारी एजेंसियों का डर दिखाकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। पुलिस लगातार लोगों को ऐसे फर्जी कॉल और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों से सतर्क रहने की अपील कर रही है।