गौतम बुद्ध नगर में कीटनाशक विक्रेताओं के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं। जिला कृषि रक्षा अधिकारी विवेक दुबे ने स्पष्ट किया है कि कीटनाशकों के क्रय और विक्रय के लिए भारत सरकार के आईपीएमएस (इंटीग्रेटेड पेस्टीसाइड्स मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल पर पंजीकरण अब अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में डीलरों द्वारा अब तक रजिस्ट्रेशन न कराने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
बार-बार चेतावनी के बावजूद नहीं हुआ पंजीकरण
अधिकारी ने बताया कि विभाग की ओर से कई बार सूचना देने के बावजूद अधिकांश कीटनाशक विक्रेता अब तक पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कर पाए हैं। यह विषय शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और उच्च स्तर पर इसकी लगातार समीक्षा की जा रही है, ऐसे में लापरवाही अब भारी पड़ सकती है।
13 अप्रैल को प्रशिक्षण, मौके पर पूरा कराएं रजिस्ट्रेशन
विक्रेताओं को अंतिम अवसर देते हुए निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल पोर्टल पर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें। यदि किसी को तकनीकी समस्या आ रही है, तो वह 13 अप्रैल 2026 को कार्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी समस्या का समाधान करा सकता है और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
स्टॉक की पूरी जानकारी पोर्टल पर देना होगा जरूरी
निर्देशों के अनुसार, सभी विक्रेताओं को अपने पास उपलब्ध कीटनाशक स्टॉक की जानकारी रसायनवार और कंपनीवार पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। साथ ही भविष्य में केवल उन्हीं कीटनाशकों का क्रय और स्टॉक किया जा सकेगा, जिन्हें अधिकृत निर्माता कंपनी से विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किया गया हो।
नियमों का उल्लंघन पड़ा तो होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया है कि यदि कोई विक्रेता बिना पोर्टल के माध्यम से कीटनाशकों का क्रय या विक्रय करता पाया गया, तो इसे कीटनाशी अधिनियम 1968 का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित डीलर का लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित निर्माता कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित पक्ष की होगी।