दिल्ली में धूल प्रदूषण पर सख्ती, हर निर्माण साइट पर हाई-डेंसिटी डस्ट स्क्रीन लगाना अनिवार्य; रेखा सरकार ने जारी किया नया आदेश
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बढ़ते धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सरकार ने अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सभी निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) साइट्स पर हाई-डेंसिटी डस्ट स्क्रीन का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
निर्माण स्थलों पर 100 GSM ग्रीन नेट अनिवार्य
दिल्ली सरकार के नए नियम के अनुसार अब सभी निर्माण स्थलों पर इस्तेमाल होने वाली ग्रीन नेट की न्यूनतम मोटाई 100 GSM निर्धारित की गई है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि सभी परियोजना संचालकों को इन मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
सरकार का कहना है कि निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल दिल्ली के वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण है, इसलिए अब केवल औपचारिक उपाय नहीं बल्कि प्रभावी और वास्तविक धूल नियंत्रण व्यवस्था लागू की जा रही है।
CAQM के दिशा-निर्देशों के तहत लिया गया फैसला
यह निर्णय एयर क्वालिटी मैनेजमेंट आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देशों और C&D प्रोजेक्ट्स की निगरानी से जुड़े नियमों के तहत लिया गया है। पहले निर्माण स्थलों पर मलबे को तिरपाल या ग्रीन नेट से ढकना अनिवार्य था, लेकिन उसकी गुणवत्ता निर्धारित नहीं थी। अब 100 GSM का मानक लागू कर सख्ती बढ़ा दी गई है।
सरकार का दावा – जमीन पर दिखेगा असर
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हाई-डेंसिटी डस्ट स्क्रीन धूल को रोकने में ज्यादा प्रभावी साबित होती हैं।
उन्होंने कहा कि 100 GSM मानक लागू होने से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक रूप से उसका असर जमीन पर भी दिखाई दे।
डस्ट पोर्टल 2.0 से होगी सख्त निगरानी
सरकार ‘डस्ट पोर्टल 2.0’ पर भी तेजी से काम कर रही है, जिसे सभी निर्माण और तोड़फोड़ साइट्स की केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली के रूप में विकसित किया जा रहा है। पहले ही सभी साइट्स का पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जा चुका है, जिससे पारदर्शिता और निगरानी दोनों मजबूत होंगी।
सभी एजेंसियों को आदेश भेजा गया
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा जारी यह आदेश MCD, NDMC, DDA, DMRC, CPWD, PWD सहित सभी प्रमुख निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसियों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए भेज दिया गया है।