ब्रिस्टल: इंग्लैंड के खिलाफ जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला भारतीय टीम ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेलेगी। सीरीज में अब तक उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी भारतीय टीम के सामने अब अपनी प्रतिष्ठा बचाने के साथ-साथ इस मैदान पर कायम अजेय रिकॉर्ड को बरकरार रखने की चुनौती भी होगी। हालांकि टीम सीरीज अपने नाम नहीं कर सकती, लेकिन बाकी मुकाबले जीतकर बराबरी पर समाप्त करने का मौका अभी भी मौजूद है।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया का हालिया प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दोनों मुकाबले गंवाने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में शुरुआती तीन मुकाबलों में भारत को दो हार मिली, जबकि एक मैच रद्द हो गया। ऐसे में चौथा मुकाबला टीम के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
ब्रिस्टल में भारत का रिकॉर्ड शानदार
ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड पर भारतीय टीम का सीमित ओवरों में अब तक शानदार रिकॉर्ड रहा है। टीम इंडिया ने इस मैदान पर कुल चार अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं, जिनमें तीन वनडे और एक टी20 शामिल है। खास बात यह है कि भारत ने चारों मुकाबलों में जीत दर्ज की है। ऐसे में इस मैदान का रिकॉर्ड खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
साल 2018 में इसी मैदान पर भारत ने 199 रन के लक्ष्य का सफल पीछा किया था। इससे यह भी संकेत मिलता है कि ब्रिस्टल की पिच पर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को अक्सर बढ़त मिलती है।
बड़े स्कोर के लिए जाना जाता है काउंटी ग्राउंड
ब्रिस्टल का काउंटी ग्राउंड बल्लेबाजों के लिए अनुकूल माना जाता है। मैदान की कुछ बाउंड्री अपेक्षाकृत छोटी होने के कारण यहां बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं। हालांकि मैदान के कुछ हिस्से बड़े भी हैं, जिससे गेंदबाजों को भी परिस्थितियों के अनुसार मौका मिल सकता है। यहां का मौसम इंग्लैंड के अन्य मैदानों की तुलना में अपेक्षाकृत गर्म रहता है, जो भारतीय खिलाड़ियों के लिए अनुकूल माना जा रहा है।
टॉस निभा सकता है अहम भूमिका
ब्रिस्टल में अब तक सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें चार बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम विजेता रही है, जबकि तीन मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं। इस वर्ष यहां खेले गए टी20 ब्लास्ट मुकाबलों में पहली पारी का औसत स्कोर 155 से 160 रन के बीच रहा है। ऐसे में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम के लिए बड़ा स्कोर खड़ा करना आसान नहीं होगा और टॉस मुकाबले का रुख तय करने में अहम साबित हो सकता है।