दिल्ली में गर्मी का कहर चरम पर, 4 वजहों ने बढ़ाई तपिश; दिन की आग के बाद रातें भी बनीं भट्टी

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। हालात ऐसे हैं कि दिन में चिलचिलाती धूप लोगों को झुलसा रही है, तो रात में भी गर्म हवाओं और उमस ने चैन छीन लिया है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में बुधवार की रात पिछले 13 वर्षों में मई महीने की सबसे गर्म रात दर्ज की गई। लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की दिनचर्या के साथ स्वास्थ्य पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।

27 मई तक राहत के आसार नहीं

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 27 मई तक गर्मी और लू का प्रकोप जारी रह सकता है। अनुमान है कि 22 से 27 मई के बीच अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 29 से 32 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।

गुरुवार को दिल्ली के रिज क्षेत्र में अधिकतम तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बढ़ती गर्मी का असर बिजली खपत पर भी दिखा और राजधानी में बिजली की मांग 8231 मेगावाट तक पहुंच गई, जो मई महीने में अब तक का सबसे अधिक स्तर माना जा रहा है।

इन 4 कारणों से बढ़ रही है दिल्ली में तपिश

1. पश्चिमी हवाओं से बढ़ रही गर्मी

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में इस समय पश्चिमी दिशा से गर्म हवाएं आ रही हैं। ये हवाएं बलूचिस्तान और थार मरुस्थल की तपिश अपने साथ लेकर पहुंच रही हैं, जिससे तापमान लगातार बढ़ रहा है।

2. पश्चिमी विक्षोभ की कमी

दिल्ली और आसपास के इलाकों में फिलहाल कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है। इसकी वजह से बादलों की आवाजाही कम हो गई है और सूरज की तेज किरणें सीधे धरती तक पहुंच रही हैं, जिससे गर्मी और अधिक महसूस हो रही है।

3. आंधी और बूंदाबांदी का असर खत्म

बीते सप्ताह चली आंधी और हल्की बारिश से कुछ समय के लिए तापमान में गिरावट जरूर आई थी, लेकिन उसका असर ज्यादा समय तक नहीं टिक सका। मौसम फिर से शुष्क और गर्म हो गया है।

4. कमजोर मौसमी सिस्टम

उत्तरी पाकिस्तान, जम्मू क्षेत्र और पूर्वी व उत्तरी उत्तर प्रदेश के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की स्थिति बनी हुई है, लेकिन ये सिस्टम काफी कमजोर हैं। इसी वजह से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिल रहा।

13 साल बाद मई की सबसे गर्म रात

मौसम विभाग के अनुसार, सफदरजंग वेधशाला में बुधवार रात न्यूनतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.2 डिग्री अधिक है। इससे पहले 6 मई 2012 को न्यूनतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।

विशेषज्ञों के मुताबिक, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर पहुंच जाए और न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री अधिक रहे, तब उसे “गर्म रात” की श्रेणी में रखा जाता है।

रात की गर्मी बढ़ने से बढ़ा हीट स्ट्रोक का खतरा

डॉक्टरों का कहना है कि रात का तापमान लगातार ऊंचा रहने से शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता। इससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

सफदरजंग अस्पताल के प्रिवेंटिव कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के निदेशक प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर के मुताबिक, अधिक गर्म रातों में शरीर का तापमान नियंत्रित करने वाला सिस्टम प्रभावित होने लगता है। इससे सिरदर्द, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन और तनाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि लगातार एसी में रहने से शरीर में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि एसी कमरे की नमी कम कर देता है। ऐसे में लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए।

 

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