लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुके आम को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने और आम उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तीन दिवसीय ‘उत्तर प्रदेश आम महोत्सव 2026’ का आयोजन 3 से 5 जुलाई तक किया जाएगा। राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में प्रदेशभर के आम उत्पादक, व्यापारी, निर्यातक और कृषि विशेषज्ञ एक मंच पर नजर आएंगे।
किसानों को मिलेगा सीधा बाजार से जुड़ने का अवसर
महोत्सव का मुख्य उद्देश्य आम उत्पादकों को बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराना और उन्हें नए व्यापारिक अवसरों से जोड़ना है। कार्यक्रम के दौरान खरीदार-विक्रेता बैठकों का आयोजन किया जाएगा, जहां किसान सीधे व्यापारियों और निर्यातकों से संवाद कर सकेंगे और अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाश सकेंगे।
आम की बेहतरीन किस्मों का होगा प्रदर्शन
महोत्सव में प्रदेश की उत्कृष्ट और व्यावसायिक रूप से लोकप्रिय आम की विभिन्न किस्मों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही आम से तैयार किए गए प्रसंस्कृत उत्पादों को भी प्रदर्शनी में जगह मिलेगी, जिससे किसानों को मूल्य संवर्धन के नए विकल्पों की जानकारी मिल सकेगी।
पैकेजिंग और वैल्यू एडिशन तकनीकों पर रहेगा फोकस
कार्यक्रम में आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और वैल्यू एडिशन तकनीकों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इससे किसानों को अपने उत्पादों को बेहतर तरीके से बाजार में उतारने और अधिक लाभ अर्जित करने की जानकारी मिलेगी।
उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले आमों को मिलेगा सम्मान
जिला उद्यान अधिकारी श्याम सिंह के अनुसार, महोत्सव में भाग लेने वाले किसानों को अपने आम के नमूने 2 जुलाई को सुबह 10 बजे तक लखनऊ भेजने होंगे। प्रदर्शनी में उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले आमों को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा किसानों को अपने उत्पादों की बिक्री करने का अवसर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रदेश के आम को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
उद्यान विभाग ने जिले के प्रगतिशील आम उत्पादकों से महोत्सव में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है। माना जा रहा है कि यह आयोजन प्रदेश के आम उत्पादकों के लिए नए व्यापारिक अवसरों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मजबूत करने का बड़ा मंच साबित होगा।