आ रही है ‘महायुद्ध’ की आहट! रूस और पश्चिमी मुल्कों के बीच जंग टालना नामुमकिन, पुतिन बना रहे खतरनाक प्लान

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अमेरिका (America) समेत पश्चिमी मुल्कों के साथ रूस (Russia) की जंग हो सकती है. एक सैन्य विश्लेषक ने दावा किया है कि यूक्रेन (Ukraine) को लेकर पश्चिमी मुल्कों और रूस के बीच युद्ध को रोका नहीं जा सकता है. अमेरिकी खुफिया जानकारियों के मुताबिक, रूसी सैनिक देश की सीमा पर इकट्ठा हो रहे हैं. खुफिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अगले साल तक अपने पड़ोसी मुल्क यूक्रेन पर चढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं. ये रिपोर्ट ऐसे समय पर आई है, जब पुतिन ने नाटो (NATO) को ‘रेड लाइन’ क्रॉस करने को चेतावनी दी है. रूस और पश्चिमी मुल्कों के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है.

द एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने विदेश मंत्रालय की बोर्ड बैठक में काला सागर (Black Sea) के पास रूस की सीमाओं से 20 किमी दूर उड़ान भरने वाले लड़ाकू विमानों पर तनाव को उजागर करने के लिए बात की. पुतिन ने कहा, हम लगातार इन घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं. हम रेड लाइन की बात कर रहे हैं, वास्तव में हम ये जानते हैं कि हमारे सहयोगी इसे लेकर अजीब बर्ताव कर रहे हैं. अगर दूसरे शब्दों में कहें तो वे हमारी चेतावनियों और रेड लाइन को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं. हालांकि, अमेरिका समेत पश्चिमी मुल्कों से हमारे संबंध करीब-करीब सहयोगी जैसे हैं, लेकिन नाटो के पूर्व तक विस्तार को लेकर हमारी चिंताओं को नजरअंदाज कर दिया गया है.

व्लादिमीर पुतिन ने नाटो के सैन्य ढांचा, खासतौर पर पोलैंड और रोमेनिया को लेकर चर्चा की. पश्चिमी मुल्कों और रूस के साथ तनाव बढ़ता जा रहा है, क्योंकि अमेरिका अपने गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर पोर्टर, तेल टैंकर जॉन लेंथल और कमांड और स्टाफ जहाज माउंट व्हिटनी के साथ काला सागर में पहुंचा. रॉयटर्स के मुताबिक, यूएस कोस्ट गार्ड जहाजों को यूक्रेन जाने की इजाजत इसलिए दी गई है, क्योंकि इसने कहा कि इसे अपने ऊपर हमले का डर है. 2014 में रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया. इसके बाद देश की नौसेना की शक्ति कम हो गई. इस वजह से यूक्रेनी नौसेना को अब अमेरिका के जरिए मदद मिलेगा.

रूस टुडे के लिए लिखते हुए दक्षिण-पूर्वी नॉर्वे विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ग्लेन डिसेन ने दावा किया कि यूक्रेन पर युद्ध का खतरा मंडरा रहा है और इसे टाला नहीं जा सकता है. उन्होंने कहा, रेड लाइन संघर्ष को रोकने के लिए है. उन्हें खींचने का उद्देश्य महत्वपूर्ण सुरक्षा हितों और गंभीर परिणामों को रोकना है, अगर उन्हें कम करके आंका जाता है. नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग (Jens Stoltenberg) ने कहा कि वे यूक्रेन के आसपास रूस की गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं और रूस से तनाव कम करने के लिए पारदर्शिता दिखाने को कह रहे हैं.

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