चंडीगढ़ में 116.84 करोड़ का फर्जी FD घोटाला: निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से होगी पूछताछ, आरोपी अनुभव मिश्रा फरार
चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम में सामने आए 116.84 करोड़ रुपये के कथित फर्जी एफडी घोटाले की जांच तेज हो गई है। मामले में चंडीगढ़ पुलिस अब नगर निगम के दो वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस जल्द ही चीफ अकाउंट ऑफिसर और ज्वाइंट कमिश्नर से इस पूरे मामले को लेकर सवाल-जवाब कर सकती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निगम के फंड और वित्तीय लेनदेन की जिम्मेदारी इन वरिष्ठ पदों पर तैनात अधिकारियों की होती है। ऐसे में जांच एजेंसियों के सामने यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि इतनी बड़ी वित्तीय जिम्मेदारी एक आउटसोर्स कर्मचारी अनुभव मिश्रा को आखिर क्यों और कैसे सौंप दी गई।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के बाद अकाउंट ब्रांच में कैसे हुई नियुक्ति
जांच में यह बात भी सामने आई है कि मार्च 2025 में जब स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट बंद हुआ था, उस समय अनुभव मिश्रा वहीं कार्यरत था। इसके बाद उसे नगर निगम के अकाउंट ब्रांच में किस अधिकारी ने और किस आधार पर नियुक्त किया, यह भी पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन गया है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने कई महत्वपूर्ण वित्तीय एक्सेस अनुभव मिश्रा को क्यों सौंपे थे और उसे इतनी संवेदनशील जिम्मेदारी कैसे मिल गई।
नगर निगम को भेजी गई सवालों की सूची
चंडीगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इस मामले से जुड़े कई अहम सवालों की एक विस्तृत प्रश्नावली नगर निगम प्रशासन को भेजी गई है। इन सवालों के जवाब मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी और पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ा जाएगा।
पूर्व बैंक मैनेजर को प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी
इस घोटाले से जुड़े एक अन्य आरोपी, सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा के पूर्व मैनेजर रिभव श्रृषि को भी प्रोडक्शन वारंट के जरिए चंडीगढ़ लाने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल वह हरियाणा की जेल में बंद है और 590 करोड़ रुपये के एक अन्य घोटाले के मामले में गिरफ्तार है।
पुलिस गुरुवार को अदालत में प्रोडक्शन वारंट के लिए आवेदन कर सकती है, ताकि उससे भी इस मामले में पूछताछ की जा सके।
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की छापेमारी
वहीं मुख्य आरोपी अनुभव मिश्रा अभी भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। जांच के दौरान जब पुलिस उसकी ओर से दिए गए पतों पर पहुंची तो वे सभी पते फर्जी निकले।
अब पुलिस पूरे मामले में जुड़े नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही है और आरोपी तक पहुंचने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही है।