सामूहिक विवाह योजना में बड़ा बदलाव! अब पायल-बिछिया नहीं, दुल्हन के खाते में आएंगे सीधे 64 हजार रुपये
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए लाभार्थी कन्याओं को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। अब योजना के तहत चांदी की पायल और बिछिया उपहार स्वरूप देने के बजाय उनकी निर्धारित राशि सीधे दुल्हन के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इस संबंध में समाज कल्याण विभाग ने शासनादेश भी जारी कर दिया है।
राज्य सरकार का यह फैसला चांदी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए लिया गया है। बढ़ती कीमतों के कारण निर्धारित बजट में पायल और बिछिया उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा था, जिसके बाद नकद राशि हस्तांतरण का विकल्प चुना गया है।
विशेष सचिव ने जारी किया शासनादेश
समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव प्रवीण मिश्र की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, अब विवाह करने वाली कन्याओं को चांदी के आभूषणों के स्थान पर नकद राशि दी जाएगी। यह रकम सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा कराई जाएगी, जिससे उन्हें अपनी आवश्यकता के अनुसार राशि उपयोग करने की सुविधा मिलेगी।
क्या है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत प्रति जोड़े पर कुल एक लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। अब तक इस योजना में 60 हजार रुपये की राशि दुल्हन के बैंक खाते में भेजी जाती थी। इसके अलावा 25 हजार रुपये की लागत से पायल, बिछिया और अन्य उपहार सामग्री उपलब्ध कराई जाती थी, जबकि 15 हजार रुपये आयोजन संबंधी खर्चों के लिए निर्धारित थे।
सरकार ने अब पायल और बिछिया के लिए निर्धारित चार हजार रुपये की राशि भी सीधे कन्या के खाते में भेजने का निर्णय लिया है।
अब खाते में आएंगे कुल 64 हजार रुपये
नए प्रावधान के बाद लाभार्थी कन्या के बैंक खाते में कुल 64 हजार रुपये भेजे जाएंगे। वहीं उपहार सामग्री पर 21 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे और आयोजन मद में पहले की तरह 15 हजार रुपये निर्धारित रहेंगे।
सरकारी व्यवस्था के अनुसार पहले 30 ग्राम चांदी की पायल और 10 ग्राम चांदी की बिछिया देने के लिए चार हजार रुपये का प्रावधान था। लेकिन चांदी की कीमतों में लगातार वृद्धि के चलते इस राशि में निर्धारित वजन के आभूषण खरीदना कठिन हो गया था।
चांदी महंगी होने के बाद लिया गया फैसला
सरकार का मानना है कि नकद राशि सीधे खाते में भेजने से लाभार्थियों को अधिक सुविधा मिलेगी और योजना का लाभ भी बिना किसी बाधा के जारी रहेगा। योजना के अन्य सभी प्रावधान पूर्ववत रहेंगे और केवल पायल-बिछिया के स्थान पर नकद हस्तांतरण की व्यवस्था लागू की गई है।