बैंक पर हमले के बाद ईरान मुस्लिम देशों को दी सख्त चेतावनी, दुबई में सिटी बैंक ने बंद कीं अपनी कई शाखाएं
नई दिल्ली : ईरान के सबसे पुराने बैंक (Bank) की एक शाखा पर हुए बम हमले के बाद देश की सरकार सख्त रुख में नजर आ रही है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने गुरुवार को इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी कि इस घटना का जवाब जरूर दिया जाएगा। घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे विदेशी बैंकों और वित्तीय संस्थानों में चिंता बढ़ गई है। ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका और इजरायल की सेना पर देश के बैंकिंग ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान के राष्ट्रीय ढांचे पर हमले किए जा रहे हैं। अराघची ने दुख जताते हुए कहा कि देश के सबसे पुराने बैंक की शाखा को उस समय निशाना बनाया गया, जब वहां कर्मचारी मौजूद थे। उस समय कर्मचारी ईरानी नववर्ष से पहले लोगों की बैंक संबंधी सेवाओं में मदद कर रहे थे। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि ईरान के सशस्त्र बल इस “अपराध” का जवाब जरूर देंगे। इस बयान के बाद खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे विदेशी बैंकों में डर का माहौल बन गया है।
यह घटना तेहरान में स्थित बैंक सेपाह की एक इमारत या डाटा केंद्र पर कथित इजरायली-अमेरिकी हमले के बाद सामने आई है। खबरों के अनुसार इस हमले में कई कर्मचारियों की मौत होने की भी आशंका जताई जा रही है। ईरानी मीडिया के मुताबिक हमला रात के समय हुआ, जब बैंक सैन्य कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया में काम कर रहा था।
दूसरी ओर ईरान की संयुक्त सैन्य कमान खातम अल-अनबिया मुख्यालय ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि अब पश्चिम एशिया क्षेत्र में बैंक और वित्तीय संस्थान भी उनके निशाने पर होंगे। कमान ने मुस्लिम देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में मौजूद कई बैंक और वित्तीय संस्थानों की पहचान कर ली गई है। जरूरत पड़ने पर उन्हें निशाना बनाया जाएगा। साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे बैंकों से एक किलोमीटर के दायरे में न रहें।
बढ़ते खतरे को देखते हुए सिटी बैंक ने संयुक्त अरब अमीरात में अपनी कई शाखाओं को बंद रखने का फैसला लिया है। बैंक ने कहा कि क्षेत्र की बदलती स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, हालांकि इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई।
ईरान की चेतावनी से खास तौर पर दुबई, सऊदी अरब और बहरीन के आर्थिक हितों को खतरा बढ़ गया है। दुबई में दुनिया के कई बड़े बैंक और वित्तीय संस्थान काम करते हैं, इसलिए वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक अन्य वित्तीय संस्थानों ने भी अपने कर्मचारियों को फिलहाल घर से काम करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वित्तीय संस्थान भी संघर्ष के दायरे में आए तो इसका असर वैश्विक बैंकिंग व्यवस्था पर गहरा पड़ सकता है।