लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। योगी सरकार ने ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर अब 25 लाख रुपये कर दी है। इस संबंध में राज्य के विशेष सचिव उमेश चंद्र ने 16 मार्च को शासनादेश जारी किया है। इस फैसले से करीब ढाई लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। अब एडेड माध्यमिक विद्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी लंबे समय तक सेवा देने के बाद अधिक वित्तीय सुरक्षा का अनुभव कर सकेंगे।
महंगाई भत्ते के आधार पर ग्रेच्युटी बढ़ी
शासनादेश के मुताबिक, सरकार ने यह निर्णय महंगाई भत्ते के मूल वेतन के 50 प्रतिशत तक पहुंचने के कारण लिया है। इसके तहत ग्रेच्युटी की राशि में कुल 5 लाख रुपये की बढ़ोतरी की गई है। नए नियम के अनुसार यदि महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत हो, तो अधिकतम ग्रेच्युटी की सीमा 25 लाख रुपये होगी। इससे कर्मचारियों को सेवा समाप्ति के बाद बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
2016 की वेतन समिति की सिफारिशों के अनुरूप संशोधन
शासनादेश में कहा गया है कि वित्त विभाग की सहमति के बाद वर्ष 2016 की वेतन समिति की सिफारिशों के आधार पर यह संशोधन किया गया है। इससे पहले 7 मई 2017 के आदेश के तहत 60 वर्ष की आयु में रिटायर होने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये थी। नए संशोधन के साथ इसे 25 लाख रुपये कर दिया गया है। साथ ही पेंशन और उपादान नियमों में भी बदलाव किया गया है। यह कदम शिक्षकों और कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वित्त विभाग की सहमति के बाद तुरंत लागू
योगी सरकार के इस फैसले से उत्तर प्रदेश के सभी एडेड माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारी लाभान्वित होंगे। यह सुविधा उन कर्मचारियों को मिलेगी जिन्होंने 60 साल की आयु में रिटायरमेंट का विकल्प चुना है। वित्त विभाग की सहमति मिलते ही यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। विशेष रूप से उन परिवारों को राहत मिलेगी जिनके कर्मचारियों की सेवा अवधि में मृत्यु हो जाती है, क्योंकि अब मृत्यु ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा भी 25 लाख रुपये होगी। शिक्षा जगत के कई संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है।