अमेरिकी नाकेबंदी का ईरान पर बड़ा आर्थिक असर, ओमान की खाड़ी में 4.8 अरब डॉलर का तेल फंसा; 31 टैंकर रुके, कमाई पर लगा ब्रेक
अंतरराष्ट्रीय डेस्क: ओमान की खाड़ी में जारी तनाव और अमेरिकी सैन्य नाकेबंदी के बीच ईरान को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल निर्यात बाधित होने से ईरान की करीब 4.8 अरब डॉलर की पेमेंट फंस गई है, जिससे उसकी राजस्व प्रणाली पर गंभीर असर पड़ा है।
पेंटागन के अनुमान में बड़ा दावा
पेंटागन के अधिकारियों के हवाले से सामने आए अनुमान के अनुसार, 13 अप्रैल को ओमान की खाड़ी में नाकेबंदी शुरू होने के बाद से ईरान को तेल से होने वाली लगभग 4.8 अरब डॉलर की कमाई नहीं मिल पाई है। यह रिपोर्ट Axios ने प्रकाशित की है। अमेरिकी अधिकारी इसे ईरान पर “अभूतपूर्व आर्थिक दबाव” बता रहे हैं।
31 टैंकरों में फंसा अरबों डॉलर का तेल
जानकारी के मुताबिक, इस समय करीब 31 तेल टैंकर ओमान की खाड़ी में फंसे हुए हैं, जिनमें लगभग 53 मिलियन बैरल ईरानी कच्चा तेल मौजूद है। इन टैंकरों का कुल मूल्य करीब 4.8 अरब डॉलर आंका गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इनमें से दो जहाजों को अमेरिकी सेना ने जब्त कर लिया है।
तेल सप्लाई पर बड़ा असर, रास्ते बदले जा रहे हैं
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, नाकेबंदी के बाद से अब तक 40 से ज्यादा जहाजों को या तो रोका गया है या उनका रूट बदल दिया गया है। कई टैंकर अब चीन तक तेल पहुंचाने के लिए लंबे और महंगे वैकल्पिक समुद्री रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ईरान की भंडारण क्षमता भी हुई फुल
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि ईरान की घरेलू तेल भंडारण सुविधाएं अब अपनी अधिकतम क्षमता तक पहुंच चुकी हैं। ऐसे में ईरान को मजबूरी में कुछ पुराने जहाजों को फ्लोटिंग स्टोरेज यूनिट्स के रूप में इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
आर्थिक दबाव के बीच बढ़ी मुश्किलें
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत लगातार ठप चल रही है और आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए दबाव बढ़ाने की कोशिशें तेज हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति ईरान की तेल अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है।