गैस किल्लत की अफवाहों के बीच साइबर ठगी का नया जाल, मुंबई में 11 से ज्यादा FIR, पुलिस ने जारी की चेतावनी

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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईंधन आपूर्ति को लेकर बनी आशंकाओं का फायदा उठाते हुए साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। देश के कई हिस्सों में गैस की कमी की खबरों के बीच लोग घबराकर सिलेंडर और गैस सेवाओं की बुकिंग करने लगे हैं। इसी माहौल का फायदा उठाकर ठग नए तरीके से लोगों को निशाना बना रहे हैं। मुंबई में इस तरह की ठगी से जुड़े 11 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

APK फाइल के जरिए फोन हैक करने का नया तरीका

साइबर अपराधी खुद को गैस कंपनी का कस्टमर केयर बताकर लोगों को व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेज रहे हैं। इस फाइल को डाउनलोड और ओपन करते ही मोबाइल फोन हैक हो जाता है। इसके बाद ठग छोटे-छोटे पेमेंट के नाम पर शुरुआत करते हैं और धीरे-धीरे बड़ी रकम ट्रांसफर करवा लेते हैं।

गैस कनेक्शन कटने का डर दिखाकर फंसाया

मुंबई के कालाचौकी इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति को भी इसी तरह निशाना बनाया गया। ठगों ने उन्हें बताया कि उनका गैस कनेक्शन बंद होने वाला है। इस डर के कारण उन्होंने भेजी गई APK फाइल को ओपन किया और 10 रुपये का भुगतान किया। इसके तुरंत बाद उनके फोन पर बैंक से लगातार ट्रांजैक्शन के मैसेज आने लगे।

क्रेडिट कार्ड से ट्रांसफर होने लगे पैसे

पीड़ित के मोबाइल से जुड़े अलग-अलग बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड के जरिए रकम ट्रांसफर की जाने लगी। हालांकि समय रहते एक बैंक का कार्ड ब्लॉक कर दिया गया, लेकिन अन्य खातों से कुछ रकम निकल गई। बाद में उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

समय पर शिकायत से बचा बड़ा नुकसान

पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया, जिससे बड़ी राशि ट्रांसफर होने से पहले ही रोक दी गई। इसी तरह के एक अन्य मामले में भी इसी मॉड्यूल का इस्तेमाल कर एक व्यक्ति को निशाना बनाया गया था।

पुलिस ने लोगों को किया सतर्क

साइबर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गैस कंपनियां किसी भी प्रकार की APK फाइल या व्हाट्सएप लिंक नहीं भेजती हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक या फाइल को डाउनलोड करने से बचना चाहिए। अगर गलती से ऐसी फाइल खुल जाए, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

अफवाहों और फर्जी कॉल से रहें सावधान

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि गैस किल्लत जैसी अफवाहों पर भरोसा न करें। कई मामलों में ठग फर्जी कॉल, लिंक और ओटीपी के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं से दूर रहें।

 

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