लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रत्यायन प्राप्त चालन प्रशिक्षण केंद्र (एडीटीसी) खोलने की प्रक्रिया अब पूरी तरह से ऑनलाइन होने जा रही है। नए पोर्टल की शुरुआत 1 अप्रैल दोपहर 12 बजे से की जाएगी, जिसके माध्यम से सभी इच्छुक और पात्र आवेदक आवेदन कर सकेंगे।
सड़क सुरक्षा को मजबूती देने का उद्देश्य
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और केवल प्रशिक्षित चालकों को ही स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान करना है। इसके लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने केंद्रीय मोटरयान नियमावली 1989 में संशोधन कर नए प्रावधान जोड़े हैं। इससे ड्राइविंग प्रशिक्षण को अधिक वैज्ञानिक, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
पहले तक चालन प्रशिक्षण केंद्र खोलने के लिए आवेदन ऑफलाइन करना पड़ता था, लेकिन अब सभी आवेदन पोर्टल http://uptransport.upsdc.gov.in के माध्यम से किए जाएंगे। आवेदकों को आवश्यक दस्तावेज भी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। साथ ही हर जिले में उपलब्ध रिक्तियों की जानकारी भी पोर्टल पर दिखेगी, जिससे आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
प्रत्येक जिले में केंद्रों की संख्या
परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि नियम के अनुसार हर 10 लाख की आबादी पर एक प्रत्यायन प्राप्त चालन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश के करीब 21 जिलों में ऐसे केंद्र संचालित हैं और अब इनके विस्तार की योजना है।
सड़क हादसों में कमी और प्रशिक्षित चालक
सरकार की मंशा है कि सड़क पर केवल प्रशिक्षित और दक्ष चालक ही वाहन चलाएं। इससे न केवल सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, बल्कि दुर्घटनाओं में कमी लाने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने भी निर्देश दिए हैं कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों को 50 प्रतिशत तक कम किया जाए।
गुणवत्ता और पेशेवर प्रशिक्षण में सुधार
इस नई व्यवस्था से ड्राइविंग प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर होगी और अधिक लोग पेशेवर तरीके से वाहन चलाना सीख सकेंगे। प्रशिक्षित चालकों की संख्या बढ़ने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी की उम्मीद है और प्रदेश की सड़क सुरक्षा और प्रभावी बनेगी।