पीलीभीत टाइगर रिजर्व से बड़ी खुशखबरी: 4 महीनों में दिखे 12 शावक, बाघों की संख्या 90 पार जाने की उम्मीद
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व से वन्यजीव संरक्षण के मोर्चे पर बेहद सकारात्मक संकेत मिले हैं। बीते चार महीनों के दौरान यहां 12 नए शावक अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी मां के साथ विचरण करते नजर आए हैं। वन विभाग के मुताबिक, रिजर्व में कुल 20 से 25 शावकों की मौजूदगी का अनुमान है, जो बाघों की बढ़ती संख्या की ओर इशारा करता है।
महोफ और बराही रेंज में सबसे ज्यादा मूवमेंट
वन विभाग के अनुसार, जो 12 शावक देखे गए हैं, वे मुख्य रूप से महोफ और बराही रेंज में अपनी मां के साथ सक्रिय हैं। इनकी उम्र डेढ़ वर्ष से कम बताई जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, शावक आमतौर पर डेढ़ से दो साल तक अपनी मां के साथ रहते हैं, इसके बाद वे स्वतंत्र होकर अपनी अलग टेरिटरी बना लेते हैं।
माला रेंज में सर्वाधिक बाघ, लेकिन पर्यटकों की एंट्री सीमित
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज में बाघों की संख्या सबसे ज्यादा है, हालांकि इस क्षेत्र को बफर जोन घोषित किए जाने के कारण यहां पर्यटकों की आवाजाही नहीं होती। इसी क्षेत्र में वनकर्मियों ने एक बाघिन को उसके दो शावकों के साथ देखा है। वहीं, सफारी के लिए महोफ और बराही रेंज का बड़ा हिस्सा खुला रहता है, जहां पर्यटकों को भी वन्यजीवों की झलक मिल रही है।
पर्यटकों को दिखीं कई बाघिनें और उनके शावक
सफारी के दौरान भीमताल क्षेत्र में एक बाघिन अपने तीन शावकों के साथ देखी गई, जिनकी उम्र करीब एक वर्ष बताई गई है। इसी तरह नैना बाघिन भी एक सप्ताह में तीन बार अपने तीन शावकों के साथ नजर आई। एक घटना में एक शावक को भालू ने दौड़ा लिया था, लेकिन बाघिन के पहुंचते ही भालू वहां से हट गया।
चूका क्षेत्र की बाघिन भी लगातार तीन बार देखी गई, जिसमें दो शावक उसके साथ थे। वहीं बराही रेंज में एक अन्य बाघिन अपने शावकों के साथ दो बार नजर आई। वन विभाग के अनुसार, महोफ क्षेत्र का दायरा बड़ा है, जबकि माला रेंज में बाघों की सघन मौजूदगी दर्ज की गई है।
2022 में 71 बाघ, इस बार 90 पार की उम्मीद
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा हर चार वर्ष में बाघों की गणना कराई जाती है। वर्ष 2022 की गणना में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 71 से अधिक बाघ दर्ज किए गए थे। इस बार की गणना के लिए 625 कैमरे जंगल में लगाए गए थे, जिनसे प्राप्त डेटा अब मसूरी स्थित मुख्यालय भेज दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार बाघों की संख्या 90 के आंकड़े को पार कर सकती है। गणना प्रक्रिया में शावकों को शामिल नहीं किया जाता, लेकिन पिछली गणना के दौरान मौजूद शावक अब वयस्क हो चुके हैं, जिन्हें इस बार गिना जाएगा।
2026 की गणना पूरी, मसूरी में होगा अंतिम विश्लेषण
अखिल भारतीय बाघ गणना 2026 का कार्य पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पूरा कर लिया गया है। अब इस डेटा का विश्लेषण मसूरी स्थित मुख्यालय में विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा, जहां वीडियो फुटेज के आधार पर अंतिम आंकड़े जारी किए जाएंगे।
प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह के अनुसार, पूरी प्रक्रिया वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है और अंतिम रिपोर्ट मुख्यालय से जारी की जाएगी।