इंडियन प्रीमियर लीग की सबसे चर्चित फ्रेंचाइजियों में शामिल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अब नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। 24 मार्च 2026 को सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के साथ हुए समझौते के तहत एक बड़े कंसोर्टियम ने टीम का अधिग्रहण कर लिया है। इस सौदे की कुल कीमत करीब 16,706 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जो आईपीएल इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी डील मानी जा रही है।
इस ऐतिहासिक समझौते के साथ ही पहले के सभी रिकॉर्ड पीछे छूट गए हैं। हाल ही में राजस्थान की टीम से जुड़ी 15,300 करोड़ रुपये की डील को भी इस सौदे ने पार कर लिया है।
किन दिग्गजों ने मिलकर खरीदी टीम
इस मेगा डील में केवल एक कंपनी नहीं, बल्कि कई बड़े कारोबारी समूह शामिल हैं। कंसोर्टियम में आदित्य बिड़ला ग्रुप के साथ एक प्रमुख मीडिया समूह, अमेरिकी निवेशक डेविड ब्लिट्जर की बोल्ट वेंचर्स और वैश्विक निवेश फर्म ब्लैकस्टोन शामिल हैं। इस समझौते के तहत पुरुष और महिला—दोनों टीमों का मालिकाना हक अब नए समूह के पास जाएगा।
टीम की हालिया सफलता ने भी इस सौदे को खास बना दिया है। मौजूदा समय में यह फ्रेंचाइजी पुरुष और महिला दोनों लीग की चैंपियन है, जिससे इसकी ब्रांड वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया है।
लीडरशिप में बड़े बदलाव की तैयारी
अधिग्रहण के बाद टीम के नेतृत्व ढांचे में भी बदलाव तय माना जा रहा है। आदित्य बिड़ला समूह से जुड़े एक युवा चेहरा टीम की कमान संभाल सकते हैं, जबकि एक प्रमुख डिजिटल मीडिया कंपनी के वरिष्ठ पदाधिकारी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिल सकती है। नए नेतृत्व के साथ फ्रेंचाइजी को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है।
समूह के शीर्ष नेतृत्व ने इस सौदे को गर्व का विषय बताते हुए कहा है कि आईपीएल आज वैश्विक स्तर पर एक मजबूत ब्रांड बन चुका है और इस प्रतिष्ठित टीम के साथ जुड़ना एक बड़ी उपलब्धि है। वहीं, नए नेतृत्व ने टीम की विरासत को आगे बढ़ाने और उसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई है।
अभी औपचारिक मंजूरी बाकी
हालांकि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है, लेकिन इसे पूरी तरह लागू होने के लिए नियामक संस्थाओं की मंजूरी जरूरी है। इसमें क्रिकेट प्रशासन और प्रतिस्पर्धा से जुड़ी एजेंसियों की स्वीकृति शामिल है। तय प्रक्रिया के तहत आईपीएल 2026 सीजन के दौरान धीरे-धीरे टीम का प्रबंधन नए मालिकों को सौंपा जाएगा।