नई दिल्ली। मार्च की शुरुआत जहां गर्मी के साथ हुई थी, वहीं बीच में हुई बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। अब एक बार फिर उत्तर भारत के मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेंगे, जिससे कई राज्यों में बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं।
26 मार्च से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के मुताबिक, पहला पश्चिमी विक्षोभ 26 मार्च को सक्रिय होगा, जिसके बाद दूसरा विक्षोभ भी जल्द ही असर दिखाएगा। इन सिस्टम्स के प्रभाव से पहाड़ी और मैदानी दोनों इलाकों में मौसम में बदलाव आएगा।
पहाड़ी राज्यों में बारिश और गरज-चमक की संभावना
हिमाचल प्रदेश समेत पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में गरज के साथ बारिश और बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। निचले और मध्य पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में छिटपुट वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश और तेज हवाएं
दिल्ली और आसपास के इलाकों में 26 मार्च की दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। यहां गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। इस दौरान 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो कुछ समय के लिए 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा
अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद अगले 24 घंटों में तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट आने का अनुमान है। 29 मार्च तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना जताई गई है।
अप्रैल के पहले हफ्ते तक जारी रह सकता है असर
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल के पहले सप्ताह तक इसी तरह का मौसम बना रह सकता है। इस दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पूर्व भारत में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं, जबकि गरज-चमक और आंधी की घटनाएं भी जारी रह सकती हैं।
हल्की से मध्यम बारिश, लेकिन सतर्कता जरूरी
बारिश की तीव्रता ज्यादातर हल्की से मध्यम रहने की संभावना है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का खतरा बना रहेगा।