शुक्रवार सुबह लद्दाख के लेह में भूकंप के झटकों से जमीन कांप उठी। सुबह 08:31 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.9 दर्ज की गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, झटके हल्के थे, लेकिन लोगों ने इसे साफ तौर पर महसूस किया।
नेपाल में भी महसूस हुए झटके, 4.0 रही तीव्रता
एक दिन पहले नेपाल के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित सुदूरपश्चिम प्रांत में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह 8 बजकर 32 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0 मापी गई। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के मुताबिक, इसका केंद्र दार्चुला जिले के मुरई क्षेत्र के आसपास था। झटकों का असर बैतड़ी और बझांग जिलों तक देखा गया।
राजकोट में भी कांपी जमीन, लोगों को नहीं चला पता
इसी बीच गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के राजकोट जिले में मंगलवार शाम हल्के भूकंप के झटके दर्ज किए गए। शाम 5 बजकर 41 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई। भूकंपीय अनुसंधान संस्थान के अनुसार, इसका केंद्र राजकोट से लगभग सात किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में 15 किलोमीटर की गहराई पर था। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें इन झटकों का एहसास नहीं हुआ।
नेपाल में लगातार बढ़ रही भूकंपीय गतिविधियां
नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत में हाल के दिनों में भूकंपीय गतिविधियां लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। इससे पहले सोमवार दोपहर 1 बजकर 14 मिनट पर 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसका केंद्र बाझंग जिले के रायल क्षेत्र के पास था। इस भूकंप के झटके इतने तेज थे कि बाजुरा और बैतड़ी जिलों में लोग दहशत में आ गए और घरों से निकलकर खुले मैदानों की ओर भागने लगे।
इसके अलावा 17 मार्च को भी दार्चुला जिले के सीतौला क्षेत्र में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था। लगातार हो रही इन घटनाओं ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।