नोएडा में सार्वजनिक परिवहन को बड़ा बढ़ावा, 50 सिटी बसें चलाने का फैसला—चार प्रमुख रूटों पर मिलेगा सीधा कनेक्शन
नोएडा: नोएडा क्षेत्र के निवासियों को बेहतर और सुगम परिवहन सुविधा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नौएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री कृष्णा करुणेश के निर्देशन में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के साथ समन्वय कर शहर में 50 सिटी बसों के संचालन का निर्णय लिया गया है। इस पहल का उद्देश्य शहर के विभिन्न हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना और यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारु बनाना है।
चार प्रमुख रूटों पर चलेगी सिटी बस सेवा
निर्णय के तहत इन बसों का संचालन चार महत्वपूर्ण रूटों पर किया जाएगा। पहला रूट सेक्टर-90 डिपो और बॉटेनिकल गार्डन से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौड़ चौक (एक मूर्ति) तक जाएगा। दूसरा रूट इसी प्रारंभिक बिंदु से जेवर एयरपोर्ट तक निर्धारित किया गया है। तीसरा रूट सेक्टर-90 और बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-62 तक संचालित होगा, जबकि चौथा रूट सेक्टर-90 से शुरू होकर फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र होते हुए ग्रेटर नोएडा के सूजरपुर कलेक्ट्रेट तक पहुंचेगा।
सेक्टर-90 में विकसित होगा आधुनिक बस डिपो
इन बसों के संचालन के लिए सेक्टर-90 में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बस डिपो विकसित किया जाएगा। यहां ई-चार्जिंग प्वाइंट, बस सर्विस स्टेशन, ड्राइवर और कंडक्टर के लिए वर्कशॉप जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं नौएडा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी।
ई-बसों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार
परियोजना के तहत सेक्टर-90 बस डिपो में 20 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से 50 बसों को चार्ज किया जा सकेगा। इसके अलावा बॉटेनिकल गार्डन बस स्टैंड पर चार अवसर आधारित चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे, जहां एक समय में 8 बसों को चार्ज करने की सुविधा होगी। वहीं, UPSRTC अधिकारियों के अनुसार मोरना बस डिपो में भी ई-चार्जिंग प्वाइंट पहले ही तैयार किए जा चुके हैं।
यात्रियों को मिलेगी सीधी और सुगम कनेक्टिविटी
इस नई बस सेवा के शुरू होने से बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-62, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौड़ चौक, जेवर एयरपोर्ट, फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र और कलेक्ट्रेट तक यात्रियों को सीधा और सुविधाजनक आवागमन मिल सकेगा। साथ ही, शहर में छोटे वाहनों की संख्या कम होने से यातायात जाम की समस्या में भी कमी आने की उम्मीद है।
खर्च और संचालन की जिम्मेदारी तय
बसों का संचालन UPSRTC द्वारा तय टिकट दरों पर किया जाएगा, जबकि संचालन में आने वाले Viability Gap Funding (VGF) का वहन नौएडा प्राधिकरण करेगा।