हरिद्वार में पत्नी की तस्वीर पर पिंडदान और थूकने का वायरल मामला पलटा, पीड़िता नेहा अरोड़ा ने सामने आकर पति के आरोपों को बताया झूठा
देहरादून: हरिद्वार की हर की पैड़ी पर एक व्यक्ति द्वारा अपनी जीवित पत्नी की तस्वीर पर थूककर पिंडदान करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला अब नया मोड़ ले चुका है। शुरुआत में इस घटना को एक ‘परेशान पति’ की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन अब पीड़ित पत्नी नेहा अरोड़ा ने सामने आकर पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है और पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मचा था बवाल
कुछ दिनों पहले वायरल हुए वीडियो में एक व्यक्ति को हर की पैड़ी पर अपनी पत्नी की तस्वीर पर थूकते हुए और फिर उसे गंगा में प्रवाहित करते हुए देखा गया था। इस घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया था। कई लोगों ने इसे वैवाहिक तनाव का परिणाम बताया, जबकि कई ने इसे धार्मिक भावनाओं और सामाजिक मर्यादा के खिलाफ करार दिया था।
पीड़िता नेहा अरोड़ा ने तोड़ी चुप्पी
देहरादून की रहने वाली नेहा अरोड़ा ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि लोग बिना पूरी सच्चाई जाने उनके खिलाफ राय बना रहे हैं और उनके चरित्र पर सवाल उठाए जा रहे हैं। नेहा ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब उनके पति ने वीडियो वायरल किया, तब किसी ने यह जानने की कोशिश नहीं की कि असल में महिला के साथ क्या बीत रही थी। उन्होंने कहा कि हर कहानी के दो पहलू होते हैं, लेकिन समाज ने केवल एक पक्ष देखा।
पति अमित अरोड़ा पर लगाए गंभीर आरोप
नेहा अरोड़ा ने अपने पति अमित अरोड़ा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह शराब के आदी हैं और अक्सर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट करते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है और मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है, जहां तलाक की प्रक्रिया जारी है। नेहा ने यह भी स्पष्ट किया कि वह रील्स बनाती हैं, लेकिन वे किसी भी तरह से अभद्र नहीं होतीं और यह उनका व्यक्तिगत काम है।
बच्चों के भविष्य के लिए लड़ाई जारी रखने का दावा
भावुक होते हुए नेहा अरोड़ा ने कहा कि इस घटना ने उनकी सामाजिक छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने यह भी कहा कि हालात ऐसे थे कि वह गलत कदम तक उठा सकती थीं, लेकिन उन्होंने अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए मजबूती से खड़े रहने का फैसला किया। नेहा ने कहा कि वह एक जागरूक महिला हैं और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती रहेंगी।
धार्मिक स्थल पर घटना से बढ़ा विवाद
गौरतलब है कि तीन दिन पहले हरिद्वार में अमित अरोड़ा ने अपनी पत्नी की तस्वीर पर थूककर उसे गंगा में प्रवाहित किया था, जिसके बाद तीर्थ पुरोहितों और कई हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई थी। इस घटना को गंगा की पवित्रता और धार्मिक मर्यादा के खिलाफ बताया गया है। मामला अब केवल वैवाहिक विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया संस्कृति और सार्वजनिक स्थानों पर मर्यादा के उल्लंघन को लेकर भी बहस का विषय बन गया है।